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दिल्ली प्रदर्शन में हिंसा: प्रदर्शनकारियों से मारपीट, हिंदू रक्षा दल के प्रमुख ने ली जिम्मेदारी; चार गिरफ्तार
Sun, 11 Oct 2026 10:46 PM IST
देवेश त्रिपाठी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Sun, 11 Oct 2026 10:46 PM IST
सार
दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान मारपीट और धमकियों के आरोप सामने आए हैं। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, हिंदू रक्षा दल के चार सदस्यों को डीडीयू मार्ग पर छात्रों से मारपीट और महिलाओं के साथ बदसलूकी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
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दिल्ली में प्रदर्शनकारियों से मारपीट के वीडियो सामने आए
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को दिल्ली में हुए प्रदर्शनों के दौरान भगवा गमछा पहने लोगों के समूह सड़कों पर घूमते और प्रदर्शनकारियों को धमकाते नजर आए। इन समूहों के कुछ लोगों पर प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट करने का आरोप है।
हिंदू रक्षा दल के चार सदस्यों को छात्रों पर हमला करने और महिलाओं के साथ बदसलूकी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पीटीआई के मुताबिक, घटना के कई वीडियो सामने आए हैं। इनमें कुछ लोग धार्मिक नारे लगाते, पुलिस और प्रशासन के समर्थन में बयान देते और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों को धमकाते दिखाई दे रहे हैं।
धारा 163 लागू होने के बावजूद घूमते दिखे समूह
कुछ लोगों ने दावा किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में बाहर आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान 'राष्ट्रविरोधी' और 'मोदी विरोधी' नारे लगाए जा रहे थे। वीडियो में कुछ लोगों को नारा लगाते सुना जा सकता है, "दिल्ली पुलिस, तुम लाठी बजाओ, हम तुम्हारे साथ हैं।" रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू थी। इसके बावजूद भगवा गमछा पहने लोगों के समूह प्रदर्शन स्थलों के आसपास घूमते दिखाई दिए।
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यह स्थिति उन प्रदर्शनों के दौरान सामने आई, जिनमें चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की जा रही थी। इन प्रदर्शनों के दौरान राजधानी में बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया था।
एक वीडियो में दो पुरुष एक प्रदर्शनकारी के साथ मारपीट करते दिखाई देते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों पुरुष हिंदू रक्षा दल के प्रमुख पिंकी चौधरी के साथ पुराने वीडियो में भी दिखाई दिए हैं।
हिंदू रक्षा दल प्रमुख ने सोशल मीडिया पर ली जिम्मेदारी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई लोगों ने कथित मारपीट के वीडियो का स्क्रीनशॉट साझा किया था। इसके बाद हिंदू रक्षा दल प्रमुख पिंकी चौधरी ने शनिवार को एक्स पर वही कथित वीडियो साझा करते हुए हमले की जिम्मेदारी ली और संबंधित लोगों को अपने संगठन का सदस्य बताया।
चौधरी ने लिखा कि ये हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता हैं और उनका संगठन अपने वादे पूरे करता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनका संगठन उन लोगों को सबक सिखाने की ताकत रखता है, जिन्हें उन्होंने 'कॉकरोच' कहा।
एक अन्य पोस्ट में चौधरी ने हमलावरों को सनातन धर्म का 'योद्धा' बताया और चेतावनी दी कि सनातन धर्म को निशाना बनाने वालों को भी निशाना बनाया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय और उत्तर प्रदेश व दिल्ली के मुख्यमंत्रियों के कार्यालयों को टैग करते हुए लिखा कि उनका संगठन चुनौती देने वालों को नहीं छोड़ेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन से पहले चौधरी ने समर्थकों से लाठियां लेकर जंतर-मंतर पहुंचने की अपील भी की थी।
डीडीयू मार्ग पर मारपीट के मामले में चार गिरफ्तार
पुलिस ने रविवार को बताया कि डीडीयू मार्ग पर हुई मारपीट के सिलसिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह इलाका कमला मार्केट पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र में आता है। हालांकि, गिरफ्तारियां कैमरे में दर्ज एक घटना के संबंध में हुई हैं। अन्य वीडियो में अलग-अलग जगहों पर बड़े समूह प्रदर्शनकारियों का सामना करते और उन्हें धमकाते नजर आए।
पीटीआई ने शनिवार शाम गिरफ्तार किए गए दो लोगों के इंस्टाग्राम प्रोफाइल भी देखे थे। रिपोर्ट के अनुसार, उन प्रोफाइल पर सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाली सामग्री मौजूद थी। रविवार सुबह तक दोनों प्रोफाइल हटा दिए गए थे।
रिपोर्ट में अगस्त का एक वीडियो भी शामिल है, जिसमें कथित हमलावरों में से एक के जेल से बाहर आने के बाद जश्न मनाते लोग दिखाई देते हैं। वीडियो में उसके समर्थक उसे जेल के अंदर और बाहर 'शेर' बताते हुए 'जिहादियों' के लिए आतंक करार देते हैं। कुछ अन्य वीडियो में हिंदू रक्षा दल के सदस्य होने का दावा करने वाले लोग चिकन की दुकानों और मांसाहारी रेस्तरां को जबरन बंद कराते दिखाई देते हैं।
गौरक्षा और धर्मांतरण विरोधी अभियानों से जुड़ा रहा संगठन
इन गिरफ्तारियों के बाद हिंदू रक्षा दल और उसके प्रमुख पिंकी चौधरी की गतिविधियां फिर चर्चा में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, चौधरी के खिलाफ पिछले कई वर्षों में कई आपराधिक मामले दर्ज हुए हैं। जुलाई में जंतर-मंतर पर छात्रों के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों के बाद चौधरी और उनके सहयोगियों ने वीडियो जारी कर प्रदर्शनकारियों पर शारीरिक हमला करने की धमकी दी थी।
चौधरी ने 2013 में हिंदू रक्षा दल की स्थापना की थी। संगठन गौरक्षा, अंतरधार्मिक संबंधों के विरोध और कथित धर्मांतरण से जुड़े अभियानों में शामिल रहा है। शनिवार के प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों का सामना कर रहे कुछ लोगों ने हिंसा का खुलकर समर्थन भी किया। उत्तर प्रदेश से आने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने कहा कि देश को बांटने की कोशिश करने वालों को पीटा जाना चाहिए।
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हिंदू रक्षा दल के चार सदस्यों को छात्रों पर हमला करने और महिलाओं के साथ बदसलूकी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पीटीआई के मुताबिक, घटना के कई वीडियो सामने आए हैं। इनमें कुछ लोग धार्मिक नारे लगाते, पुलिस और प्रशासन के समर्थन में बयान देते और चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों को धमकाते दिखाई दे रहे हैं।
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धारा 163 लागू होने के बावजूद घूमते दिखे समूह
कुछ लोगों ने दावा किया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में बाहर आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान 'राष्ट्रविरोधी' और 'मोदी विरोधी' नारे लगाए जा रहे थे। वीडियो में कुछ लोगों को नारा लगाते सुना जा सकता है, "दिल्ली पुलिस, तुम लाठी बजाओ, हम तुम्हारे साथ हैं।" रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू थी। इसके बावजूद भगवा गमछा पहने लोगों के समूह प्रदर्शन स्थलों के आसपास घूमते दिखाई दिए।
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यह स्थिति उन प्रदर्शनों के दौरान सामने आई, जिनमें चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की जा रही थी। इन प्रदर्शनों के दौरान राजधानी में बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया था।
एक वीडियो में दो पुरुष एक प्रदर्शनकारी के साथ मारपीट करते दिखाई देते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों पुरुष हिंदू रक्षा दल के प्रमुख पिंकी चौधरी के साथ पुराने वीडियो में भी दिखाई दिए हैं।
हिंदू रक्षा दल प्रमुख ने सोशल मीडिया पर ली जिम्मेदारी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कई लोगों ने कथित मारपीट के वीडियो का स्क्रीनशॉट साझा किया था। इसके बाद हिंदू रक्षा दल प्रमुख पिंकी चौधरी ने शनिवार को एक्स पर वही कथित वीडियो साझा करते हुए हमले की जिम्मेदारी ली और संबंधित लोगों को अपने संगठन का सदस्य बताया।
चौधरी ने लिखा कि ये हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता हैं और उनका संगठन अपने वादे पूरे करता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनका संगठन उन लोगों को सबक सिखाने की ताकत रखता है, जिन्हें उन्होंने 'कॉकरोच' कहा।
एक अन्य पोस्ट में चौधरी ने हमलावरों को सनातन धर्म का 'योद्धा' बताया और चेतावनी दी कि सनातन धर्म को निशाना बनाने वालों को भी निशाना बनाया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय और उत्तर प्रदेश व दिल्ली के मुख्यमंत्रियों के कार्यालयों को टैग करते हुए लिखा कि उनका संगठन चुनौती देने वालों को नहीं छोड़ेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन से पहले चौधरी ने समर्थकों से लाठियां लेकर जंतर-मंतर पहुंचने की अपील भी की थी।
डीडीयू मार्ग पर मारपीट के मामले में चार गिरफ्तार
पुलिस ने रविवार को बताया कि डीडीयू मार्ग पर हुई मारपीट के सिलसिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह इलाका कमला मार्केट पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र में आता है। हालांकि, गिरफ्तारियां कैमरे में दर्ज एक घटना के संबंध में हुई हैं। अन्य वीडियो में अलग-अलग जगहों पर बड़े समूह प्रदर्शनकारियों का सामना करते और उन्हें धमकाते नजर आए।
पीटीआई ने शनिवार शाम गिरफ्तार किए गए दो लोगों के इंस्टाग्राम प्रोफाइल भी देखे थे। रिपोर्ट के अनुसार, उन प्रोफाइल पर सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाली सामग्री मौजूद थी। रविवार सुबह तक दोनों प्रोफाइल हटा दिए गए थे।
रिपोर्ट में अगस्त का एक वीडियो भी शामिल है, जिसमें कथित हमलावरों में से एक के जेल से बाहर आने के बाद जश्न मनाते लोग दिखाई देते हैं। वीडियो में उसके समर्थक उसे जेल के अंदर और बाहर 'शेर' बताते हुए 'जिहादियों' के लिए आतंक करार देते हैं। कुछ अन्य वीडियो में हिंदू रक्षा दल के सदस्य होने का दावा करने वाले लोग चिकन की दुकानों और मांसाहारी रेस्तरां को जबरन बंद कराते दिखाई देते हैं।
गौरक्षा और धर्मांतरण विरोधी अभियानों से जुड़ा रहा संगठन
इन गिरफ्तारियों के बाद हिंदू रक्षा दल और उसके प्रमुख पिंकी चौधरी की गतिविधियां फिर चर्चा में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, चौधरी के खिलाफ पिछले कई वर्षों में कई आपराधिक मामले दर्ज हुए हैं। जुलाई में जंतर-मंतर पर छात्रों के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों के बाद चौधरी और उनके सहयोगियों ने वीडियो जारी कर प्रदर्शनकारियों पर शारीरिक हमला करने की धमकी दी थी।
चौधरी ने 2013 में हिंदू रक्षा दल की स्थापना की थी। संगठन गौरक्षा, अंतरधार्मिक संबंधों के विरोध और कथित धर्मांतरण से जुड़े अभियानों में शामिल रहा है। शनिवार के प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों का सामना कर रहे कुछ लोगों ने हिंसा का खुलकर समर्थन भी किया। उत्तर प्रदेश से आने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने कहा कि देश को बांटने की कोशिश करने वालों को पीटा जाना चाहिए।