फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Delhi Protest Ban on pellet guns and electric shock NATO protocols 2000 CRPF personnel airlifted Jantar Mantar

Delhi Protest: पैलेट गन और इलेक्ट्रिक शॉक पर रोक, नाटो के प्रोटोकॉल से चलेगी बंदूक; CRPF के 2000 जवान एयरलिफ्ट

Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज
Updated Sat, 25 Jul 2026 04:22 PM IST
सार

दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के बीच रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) ने पैलेट गन, दंगारोधी गन, इलेक्ट्रिक शॉक डिवाइस और इलेक्ट्रिक शील्ड के इस्तेमाल पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। आरएएफ की आईजी ने इन उपकरणों को जवानों को जारी नहीं करने के निर्देश दिए हैं। वहीं राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए सीआरपीएफ और आरएएफ की 16 अतिरिक्त कंपनियां एयरलिफ्ट की जा रही हैं।

विज्ञापन
Delhi Protest Ban on pellet guns and electric shock NATO protocols 2000 CRPF personnel airlifted Jantar Mantar
सीजेपी आंदोलन - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI

विस्तार

दिल्ली में जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात की गई सीआरपीएफ की विशेष इकाई 'रैपिड एक्शन फोर्स' (आरएएफ) ने पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। आरएएफ की आईजी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि दिल्ली में तैनाती के दौरान परिस्थितियों का विश्लेषण किया गया है। इसके बाद लिए गए निर्णय के तहत आगामी आदेशों तक पैलेट गन, दंगारोधी गन, बिजली का झटका देने वाला उपकरण और इलेक्ट्रिक शील्ड का उपयोग नहीं होगा। 

विज्ञापन


आईजी की तरफ से ये स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि आरएएफ कार्मिकों को ये उपकरण जारी नहीं किए जाएंगे। इस संबंध में उच्च स्तर से निर्देश जारी होने की बात कही गई है। इनका अक्षरश: पालन सुनिश्चित किया जाए। दूसरी तरफ दिल्ली में सीआरपीएफ और आरएएफ की 16 अतिरिक्त कंपनियों को एयरलिफ्ट किया जा रहा है। दिल्ली में पहले से ही अर्धसैनिक बलों की 45 कंपनियां तैनात हैं। 
विज्ञापन


हथियारों के इस्तेमाल में क्यों लागू करना होगा नाटो का प्रोटोकॉल?
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हथियारों के इस्तेमाल के मामले में नाटो प्रोटोकॉल को माना जाएगा। 'संसद' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुए पुलिस बल प्रयोग की औपचारिक शिकायत संयुक्त राष्ट्र में दर्ज कराई गई है। मानवाधिकार उल्लंघन, लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


दिल्ली पुलिस और आरएएफ पर छात्रों एवं राजनीतिक पार्टियों द्वारा प्रदर्शन के दौरान कठोर कार्रवाई को लेकर लोगों में गुस्सा है। आरएएफ द्वारा पैलेट गन का इस्तेमाल, ये मुद्दा भी गर्मा गया है। शुक्रवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पैलेट गन को लेकर सरकार पर तीखा प्रहार किया था। उन्होंने एक प्रदर्शनकारी को मीडिया के सामने पेश किया, जिसे पैलेट गन के छर्रे लगे हुए थे। 

दिल्ली क्यों पहुंच रहीं सुरक्षाबलों की 16 कंपनियां?
इन सबके मद्देनजर अब दिल्ली में आरएएफ द्वारा जो भी कार्रवाई की जाएगी, वह नाटो प्रोटोकॉल के अनुसार होगी। सीआरपीएफ के रिटायर्ड एडीजी एसएस संधू, जो आरएएफ में पांच वर्ष तक डीआईजी और बतौर कार्यवाहक आईजी तैनात रहे हैं, ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय संधियों/समझौतों में पैलेट गन पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद दिल्ली में छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया।


सूत्रों ने बताया कि अब केंद्रीय बलों की अतिरिक्त कंपनियां बुलाने के पीछे सरकार का मकसद, प्रदर्शन को खत्म कराना है। दिल्ली एनसीआर के कई क्षेत्रों में प्रदर्शन शुरू हो गए थे। दूसरे राज्यों में भी प्रदर्शन हो रहे हैं। किसान एवं दूसरे संगठनों ने छात्रों को दिल्ली पहुंचकर समर्थन देने की बात कही है। दूसरी तरफ संसद का सत्र भी चल रहा है। ऐसे में सुरक्षा कारणों के चलते सुरक्षा बलों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की जा रही हैं। 16 कंपनियां, हिंडन एयरपोर्ट पर पहुंच रही हैं। इनमें दस कंपनी सीआरपीएफ और छह कंपनी आरएएफ की हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed