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आंखों के सामने बेटी ने तड़प-तड़प कर तोड़ा था दम, एक साल बाद भी पुलिस बनी है ‘बेशर्म’

Mon, 12 Aug 2019 03:58 PM IST
अमित शर्मा अमित शर्मा, अमर उजाला
अमित शर्मा, अमर उजाला Published by: अमित शर्मा Updated Mon, 12 Aug 2019 03:58 PM IST
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Delhi police not filed the FIR after allegedly suicide by a 12th standard girl
Delhi Police-sarvodaya kanya vidyalaya sagarpur new delhi - फोटो : AmarUjala (सांकेतिक)

बारहवीं क्लास में पढ़ रही एक बेटी के पिता को अचानक एक दिन स्कूल से फोन आता है कि उनकी बेटी को चोट लग गई है, वे तुरंत स्कूल आ जाएं। माता-पिता जब स्कूल पहुंचते हैं, तो उन्हें गेट पर ही बता दिया जाता है कि बेटी को नजदीकी दीनदयाल अस्पताल में भेजा जा चुका है। जैसे ही मां-पिता अस्पताल पहुंचते हैं तो उन्हें बताया जाता है कि उसने तीन मंजिला स्कूल बिल्डिंग से छलांग लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की है।

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स्कूल ने किया गुमराह!

यह वाकया पिछले साल मई 2018 का है। दिल्ली के सागरपुर इलाके में रहने वाली प्रिया (बदला हुआ नाम) के माता-पिता ने अमर उजाला को बताया कि दीनदयाल अस्पताल से उनकी बेटी को लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल (एलएनजेपी) अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान 19 दिन बाद उसकी मौत हो जाती है। उसके माता-पिता का कहना है कि पहले तो स्कूल ने उन्हें गुमराह किया, वहीं पुलिस ने अभी तक मामला दर्ज तक नहीं किया है।

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शरीर पर नहीं थे चोटों के निशान

मृतक लड़की के पिता का कहना है कि कथित रूप से तीन मंजिला बिल्डिंग से कूदने के बाद भी बेटी के शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं थे। जबकि स्कूल के मुताबिक वह पक्के फर्श पर गिरी थी। इस हालत में उसके शरीर पर चोटों के गंभीर निशान होने चाहिए थे। घटना को अब एक साल से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन पिता राजू सोनी की गंभीर आपत्तियों के बावजूद दिल्ली की सागरपुर थाने की पुलिस इस घटना की एफआईआर दर्ज नहीं करती।

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नहीं हुई एफआईआर

वहीं मृतका के पिता ने बेटी प्रिया (बदला हुआ नाम) को इंसाफ दिलाने के लिए दर-दर भटक के हैं। इस मामले की जांच कराने के लिए वे दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग के तमाम आला-अधिकारियों, शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया, मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल से लेकर अदालत तक के दरवाजा खटखटा चुके हैं, लेकिन अब तक मामले की एफआईआर भी दर्ज नहीं हुई है।

कहां है सीसीटीवी फुटेज?

पिता राजू सोनी का कहना है कि सागर पुर के सर्वोदय कन्या विद्यालय स्कूल ने उन्हें घटना की सीसीटीवी फुटेज तक उपलब्ध नहीं कराई, जबकि बेटी प्रिया के स्कूल में प्रवेश से लेकर क्लास के सामने तक अनेक जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। वहीं जब पटियाला हाउस कोर्ट में उन्होंने एफआईआर दर्ज कराने को लेकर अर्जी दाखिल की, तब भी पुलिस ने कोई सीसीटीवी फुटेज कोर्ट को उपलब्ध नहीं कराई।

पुलिस बोली, बेटी ने की आत्महत्या

सागर पुर थाने ने अदालत में अपने स्तर पर इस मामले की जांच करने की बात करते हुए कहा कि घटना से एक दिन पहले एक शादी में जाने को लेकर पिता और बेटी का झगड़ा हुआ था। बेटी ने कुछ कपड़े पहने हुए थे, जो पिता को पसंद नहीं थे। पिता ने इस पर लड़की को डांट लगाई थी जिससे बेटी नाराज थी और इसी गुस्से में उसने अगले दिन आत्महत्या करने की कोशिश की।

वकील ने पुलिस थ्योरी पर उठाए सवाल

अदालत में पिता का पक्ष रख रहे अधिवक्ता अरुण निश्चल का कहना है कि पुलिस थ्योरी में कई खामियां हैं। अगर प्रिया तीन मंजिला ऊंचाई से कूदी थी, तो उसके शरीर पर चोट के कोई निशान क्यों नहीं थे? इसके अलावा पुलिस ने कभी कोर्ट में सीसीटीवी फुटेज की रिकॉर्डिंग पेश नहीं की है। लगभग पांच फुट की लड़की तीसरी मंजिल पर स्थित सात फुट से ज्यादा ऊंची बाउंड्री वॉल तक बिना किसी मदद के कैसे पहुंची?



उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में उसी ऊंचाई से डमी गिराकर शरीर के जमीन पर गिरने की स्थिति की जांच की जाती है, लेकिन इस मामले में आज तक ऐसा भी नहीं किया गया है। इसलिए इस केस में बहुत से ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब पुलिस के पास नहीं है। पुलिस इस मामले में कुछ छिपाने की कोशिश कर रही है, जिसका खुलासा किया जाना चाहिए।

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