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दिल्ली पुलिस: ज्वाइंट सीपी पर उगाही का आरोप, नोएडा में कोठी तैयार कराने के लिए एसएचओ पर दबाव
Sun, 03 Oct 2021 07:18 PM IST
गौरव पाण्डेय
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sun, 03 Oct 2021 07:18 PM IST
सार
दिल्ली पुलिस के एक संयुक्त सीपी पर अवैध उगाही का आरोप लगा है। मामले में दिल्ली पुलिस आयुक्त की ओर से विजिलेंस जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं। पढ़िए पूरा मामला...
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
दिल्ली पुलिस में कार्यरत एक ज्वाइंट सीपी, जो मौजूदा समय में रेंज की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, उन पर 'उगाही' का आरोप लगा है। भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले कोई प्राइवेट व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि खुद उन्हीं के महकमे में काम करने वाले पुलिसकर्मी हैं। उनकी रेंज में शामिल दो जिलों के कई एसएचओ ने दिल्ली पुलिस आयुक्त और केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है।
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इस शिकायत में कहा गया है कि ज्वाइंट सीपी एक प्राइवेट व्यक्ति के जरिए एसएचओ से पैसे मांगते हैं। नोएडा में ज्वाइंट सीपी की कोठी तैयार कराने के लिए एसएचओ पर कई तरह से दबाव डाला जाता है। पैसे और निर्माण सामग्री, दोनों की मांग की जाती है। दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने इस मामले की विजिलेंस जांच के आदेश दे दिए हैं। उक्त पुलिस अधिकारी की पत्नी आईएएस हैं।
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यह अधिकारी इससे पहले ट्रैफिक पुलिस में भी ज्वाइंट सीपी रहे हैं। पिछले कई माह से उगाही का यह सिलसिला चल रहा था। विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि एसएचओ ने ज्वाइंट सीपी की कुछ मांगें पूरी भी की हैं। बाद में जब पैसे और निर्माण सामग्री पहुंचाने का दबाव ज्यादा बढ़ गया तो एसएचओ ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को शिकायत भेज दी और केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी इससे अवगत करा दिया गया।
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शिकायत में कहा गया है कि रेंज के संयुक्त आयुक्त, एसएचओ को परेशान करते हैं। जब उनकी अवैध मांग पूरी नहीं होती है तो बिना वजह कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया जाता है। एसएचओ की ओर से भेजी गई शिकायत में कहा गया है कि ज्वाइंट सीपी ने 'उगाही' के लिए एक प्राइवेट व्यक्ति गुप्ता को रखा है। ज्वाइंट सीपी की ओर से यही व्यक्ति तय करता है कि पैसे कहां और कैसे पहुंचाने हैं।
सूत्रों के मुताबिक, कोठी तैयार कराने के लिए निर्माण सामग्री कहां से और किस गुणवत्ता की भिजवानी है, ये सब बातें गुप्ता बताता था। मंथली तो चलती ही रहती थी। जो उगाही की राशि देने में असमर्थता जताता, उसी एसएचओ पर संकट के बादल मंडराने लगते थे। ज्वाइंट सीपी, खुद एसएचओ के पास व्हाट्सएप कॉल करते रहे हैं। उनका इशारा होता था कि गुप्ता मेरा आदमी है, देख लेना।
यहीं से उगाही का खेल शुरू हो जाता था। तबादला न हो जाए या किसी मामले में फंस न जाएं, इस डर के चलते कई एसएचओ ने ज्वाइंट सीपी की गैर वाजिब मांगें पूरी की है। कुछ समय पहले जब गुप्ता व ज्वाइंट सीपी को लेकर पुलिस आयुक्त को शिकायत दी गई तो गुप्ता पीछे हट गया था। इसके बाद ज्वाइंट सीपी के कार्यालय में तैनात स्टाफ ऑफिसर की ओर से एसएचओ को फोन आने लगे।
सूत्र बताते हैं कि उक्त अधिकारी की पत्नी आईएएस अधिकारी हैं। वे एक बड़े पद पर हैं। गृह मंत्रालय द्वारा भेजी गई शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस आयुक्त इस मामले की विजिलेंस जांच करा रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सही स्थिति का पता लग सकेगा।