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Delhi Pollution SC Hearing: कल्पना कीजिए हम दुनिया को क्या संदेश दे रहे हैं? यह गंभीर मुद्दा है, हम विस्तृत आदेश देंगे

Wed, 24 Nov 2021 11:08 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Wed, 24 Nov 2021 11:08 AM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा कि जब मौसम खराब होता है, तो उपाय किए जाते हैं। वायु प्रदूषण रोकने के लिए भी उपाय किए जाने चाहिए।

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Delhi NCR Air Pollution: Hearing on Delhi Air Pollution Today in Supreme Court, Latest News Updates In Hindi
प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण ने कहा कि हमारे पास कई अर्जियां आई हैं। एक मजदूर संगठन की मांग है कि निर्माण कार्य शुरू करवाया जाए। वहीं दो किसानों ने पराली को लेकर प्रतिबंध हटाने की मांग की है। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि जो भी प्रतिबंध था वह 21 नवंबर तक था, अब स्थिति बेहतर हो गई है। उन्होंने बताया कि 16 नवंबर को दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 403 था, जो अब 290 पहुंच चुका है। रिपोर्ट बताती है कि हवा के  कारण 26 नवंबर तक स्थिति में और भी सुधार होगा। इस पर कोर्ट ने कहा कि प्रदूषण से लड़ने के लिए वैज्ञानिक तैयारी होनी चाहिए, आगामी दिनों में हवा का बहाव कैसा होगा। इसको लेकर तैयारी की जा सकती है। 

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कोर्ट ने केंद्र को फटकार लगाते हुए कहा कि जब मौसम खराब होता है, तो उपाय किए जाते हैं। वायु प्रदूषण रोकने के लिए भी उपाय किए जाने चाहिए। यह राष्ट्रीय राजधानी का हाल है, कल्पना कीजिए हम दुनिया को क्या संदेश दे रहे हैं। 
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हवा की वजह से बच गए, आपने क्या किया
कोर्ट ने केंद्र से तीखा सवाल करते हुए कहा कि हम सभी हवा के बहाव की वजह से बच गए, लेकिन आपने क्या किया। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि वायु प्रदूषण में कमी आई है, हम तीन दिन बाद फिर से मॉनीटर करेंगे।
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बढ़ाया गया पब्लिक ट्रांसपोर्ट 
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट में कहा कि सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय कर्मचारियों के लिए स्पेशल बसें चलाई गई हैं। ये बसें 22 नवंबर से चल रही हैं। उन्होंने कहा कि 15 साल से ज्यादा पुराने वाहनों पर रोक लगा दी गई है। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर भी सख्त कार्रवाई हो रही है। कोर्ट ने कहा कि हम दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को लेकर अंतिम फैसला नहीं सुनाएंगे। यह गंभीर मुद्दा है। हम इसकी सुनवाई जारी रखेंगे और विस्तृत आदेश देंगे। कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 29 नवंबर को करेगा। 

मजदूरों को सरकारें दें मदद : सुप्रीम कोर्ट
राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई के दौरान एक वकील ने प्रदूषण के कारण निर्माण कार्यों पर लगी रोक से मजदूरों की परेशानियों का जिक्र किया। इस पर पीठ ने कहा, राज्यों ने रियल एस्टेट कंपनियों से लेबर सेस के नाम पर बहुत फंड इकट्ठा किया है। अब वक्त है इसके इस्तेमाल का। इन मजदूरों को अब इसी फंड से आर्थिक मदद दी जानी चाहिए। कोर्ट ने राज्यों से मजदूर कल्याण फंड से इन मजदूरों को राहत देने पर राय मांगी। पीठ सोमवार को इस मामले में भी सुनवाई करेगी।  

पंजाब में किसानों पर जुर्माना नहीं, पीठ बोली-हमें प्रदूषण से मतलब
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता आदित्य दुबे के वकील विकास सिंह ने कहा, किसानों को पराली न जलाने के लिए राजी करने के लिए उन्हें विधिवत मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया जिसके मुताबिक पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पराली जलाने पर किसानों से जुर्माना नहीं लिया जा रहा है। इस पर सीजेआई ने कहा, हमें इससे मतलब नहीं है, हमें प्रदूषण से मतलब है।


हर दिन होगी सुनवाई
पीठ ने कहा, बुधवार का एक्यूआई 381 रहा, ऐसे में हम मामला बंद नहीं कर रहे। रोज या वैकल्पिक दिन सुनवाई जारी रहेगी। पीठ ने प्रदूषण रोकने के लिए मौसमी मॉडलिंग का सुझाव दिया। कहा, जनवरी से मार्च, अप्रैल से जून, जुलाई से सितंबर और नवंबर से दिसंबर तक दिल्ली में अलग मॉडल होना चाहिए।

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