फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Delhi Mumbai Kolkata railway route To equipped with Kawach system by March next year accidents stopped

Railway: दिल्ली-मुंबई-कोलकाता रेल मार्ग अगले वर्ष मार्च तक कवच सिस्टम से लैस होंगे, हादसों पर लगेगी रोक

Thu, 08 Aug 2024 06:52 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Thu, 08 Aug 2024 06:52 AM IST
सार

आधुनिक तकनीक से लैस यह सिस्टम हर मौसम व भौगोलिक स्थिति में काम करेगा, यानि कश्मीर से कन्याकुमारी तक के मौसम में कवच ट्रेनों की टक्कर को रोकेगा। रेल मंत्री ने कहा कि हर साल कवच-4.0 अब 5.5 हजार किलोमीटर रूट ट्रैक पर लगेगा। अगले तीन साल में 9 हजार किलोमीटर ट्रैक को इस सिस्टम से लैस कर लिया जाएगा। 

विज्ञापन
Delhi Mumbai Kolkata railway route To equipped with Kawach system by March next year accidents stopped
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव - फोटो : ANI

विस्तार

मानवीय भूल की वजह से हो रहे ट्रेन हादसों को रोकने के लिए रेलवे एक्शन मोड में है। रेलवे विभाग ने ट्रेनों की टक्कर को देखते हुए रेल मार्गों को कवच सिस्टम से लैस करने में तेजी लाने का निर्णय लिया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दावा किया है कि अगले साल मार्च तक दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-कोलकाता रूट को कवच सिस्टम से लैस कर लिया जाएगा। इसके साथ ही रेलवे बोर्ड दिल्ली-चेन्नई और मुंबई-चेन्नई रेलवे ट्रैक को भी कवच सिस्टम से लैस करेगा।

विज्ञापन


आधुनिक तकनीक से लैस यह सिस्टम हर मौसम व भौगोलिक स्थिति में काम करेगा, यानि कश्मीर से कन्याकुमारी तक के मौसम में कवच ट्रेनों की टक्कर को रोकेगा। रेल मंत्री ने कहा कि हर साल कवच-4.0 अब 5.5 हजार किलोमीटर रूट ट्रैक पर लगेगा। अगले तीन साल में 9 हजार किलोमीटर ट्रैक को इस सिस्टम से लैस कर लिया जाएगा। 10 हजार रेल इंजन में इस सिस्टम को अगले दो साल में लगा जाएगा।
विज्ञापन


अगले 10 साल में कुल 70 हजार किलोमीटर के नेटवर्क और 20 हजार इंजन पर कवच लगाया जाएगा। इसके लिए सभी 8,000 रेलवे स्टेशनों का ड्रोन और लेडार से सर्वे किया जा रहा है। वैष्णव ने बताया कि स्टेशन पर कवच लगाना सबसे बड़ी चुनौती का काम होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जंगल, रेत, पहाड़, टनल में भी काम करेगा कवच 
रेल मंत्री ने बताया कि कवच 4.0 जंगल, ऊंचे पहाड़ और रेगिस्तान में भी काम करेगा। फिलहाल तीन कंपनियों को इसे लगाने की मंजूरी दी गई है। जल्द ही दो और कंपनी को जिम्मेदारी दी जाएगी। दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा मार्ग की दूरी करीब 3,000 किलोमीटर है तो मुंबई-चेन्नई मार्ग करीब 3,300 किलोमीटर लंबा है।


पटरियों को 130 से 160 किमी की स्पीड लायक बनाया जाएगा
रेल मंत्री ने बताया कि ट्रैक मेंटेनेंस के लिए अल्ट्रासाउंड फ्लो डिटेक्शन तकनीक में भी बदलाव किया गया है। अब ट्रैक सुरक्षित है या नहीं, पता लगाने के लिए मल्टिपल बीम वाली तकनीक अपनाई गई है। फिलहाल 100 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन चल रही है इसे बढ़ाकर 130 और 160 किमी प्रति घंटा चलने लायक पटरी को बनाया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed