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दिल्ली पर पड़ रहा है एनसीआर के कोरोना मरीजों का भारी बोझ, सरकार को लेना पड़ा कड़ा फैसला

Sun, 07 Jun 2020 06:30 PM IST
Rohit Ojha डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला Published by: Rohit Ojha Updated Sun, 07 Jun 2020 06:30 PM IST
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Delhi is facing heavy burden of NCR corona patients Government has to take tough decision
अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

कोविड-19 संक्रमण को लेकर अस्पताल में बिस्तर की कमी और संसाधनों का अभाव झेल रही दिल्ली ने मुख्यमंत्री केजरीवाल को कठघरे में ला खड़ा किया है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय माकन ने इसको लेकर दिल्ली सरकार पर हमला बोला। माकन ने कहा कि दिल्ली सरकार संक्रमण से निपट पाने में विफल हो रही है। वहीं, दिल्ली स्वास्थ्य निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि राजधानी के अस्पतालों में उ.प्र., हरियाणा के संक्रमित आकर इलाज करा रहे हैं। इसके कारण दिल्ली के कोविड-19 के संक्रमितों क भटकना पड़ रहा है।

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दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेन्द्र जैन के सचिवालय सूत्र का कहना है कि उ.प्र. के नोएडा, ग्रेटर नोएडा, बुलंद शहर और दिल्ली से सटे 20 लाख से अधिक की आबादी वाले गाजियाबाद में स्वास्थ्य सेवाएं दिल्ली के मुकाबले कमजोर हैं। बताते हैं मेरठ तक से कोविड-19 के संक्रमित आकर दिल्ली में कोविड-19 की जांच और इलाज का लाभ ले रहे हैं। इसी तरह से हरियाणा के कई जिलों के लोग दिल्ली में आकर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। यही वजह है कि दिल्ली के लोगों की कोविड-19 की न केवल जांच होने परेशानी आ रही है, बल्कि दिल्ली के कोविड डेडीकेटेड तथा निजी अस्पतालों में संक्रमितों को बिस्तर भी नहीं मिल पा रहे हैं।

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इसलिए अरविंद केजरीवाल ने उठाया कदम

रजत तिवारी दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेन्द्र जैन के निजी सचिवालय में हैं। रजत का कहना है कि वह लोगों का फोन उठाते-उठाते थक जाते हैं। दिल्ली की स्वास्थ्य सचिव पद्मिनी श्रृंगला से इस बारे में कई बात करने का प्रयास सफल नहीं हो पाया। लेकिन उनके सचिवालय के अधिकारी का कहना है कि दिल्ली के अस्पताल में केवल दिल्ली के ही कोविड-19 के संक्रमित या संदिग्ध नहीं हैं। दिल्ली सरकार के सरकारी अस्पताल दिल्ली के बाहर के मरीजों के बोझ से भी दबे जा रहे हैं। ऐसे में दिल्ली सरकार के सभी प्रयास ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो जा रहे हैं।

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अब दिल्ली में कोविड-19 के संक्रमण तक केवल दिल्ली वालों का इलाज

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कैबिनेट ने पांच सदस्यों की उच्चस्तरीय टीम की सलाह के बाद यह निर्णय लिया है।  दिल्ली सरकार आठ जून से दिल्ली की सीमाओं को दूसरे राज्यों के लिए खोलने जा रही है। दिल्ली सरकार के रणनीतिकारों को डर है कि सीमा खुल जाने के बाद एक बार फिर दिल्ली में दूसरे राज्यों के कोविड-19 के संक्रमित आने से संकट बढ़ जाएगा। लिहाजा एक दिन पहले ही टीम केजरीवाल ने दिल्ली के अस्पतालों में केवल दिल्ली के कोविड-19 संक्रमितों के इलाज का निर्णय लिया है।



हालांकि, केजरीवाल ने साफ किया कि दिल्ली के निजी या प्राइवेट अस्पतालों में विशेष सर्जरी आदि करवाने के लिए आने वाले मरीजों को इसकी छूट रहेगी। इसी तरह से केंद्र सरकार के अधीन आने वाले राम मनोहर लोहिया, सफदरजंग अस्पताल और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान पहले की तरह दिल्ली और देश भर से आने वाले मरीजों का इलाज करते रहेंगे।

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