दिल्ली-हावड़ा रेल रुट बनेगा देश का पहला सेमी हाई स्पीड ट्रैक
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देश के व्यस्ततम रेल रुट में शुमार दिल्ली-हावड़ा रुट पर अगले तीन साल में गाड़ियों की रफ्तार को 200 किलोमीटर प्रति घंटे किया जाएगा। 1500 किलोमीटर लंबे इस ट्रैक को सेमी हाई स्पीड कॉरिडोर बनाने के लिए इस साल के बजट में 700 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इससे दिल्ली से कोलकाता तक का सफर 12 घंटे में तय किया जा सकेगा। अभी राजधानी एक्सप्रेस को दिल्ली से कोलकाता का सफर तय करने में 17 घंटे से अधिक का वक्त लगता है।
बनेंगे अंडरपास, पुल और क्रंकीट की दीवार
इस योजना के तहत रेलवे इस पूरे रुट पर जितनी भी क्रांसिंग हैं, उनको बंद करेगा और इसके स्थान पर अंडरपास और ओवरब्रिज का निर्माण करेगा। रुट पर पुरानी पटरियों को बदला जाएगा, जिनकी हालत इतना भार झेलने के लिए माफिक नहीं हैं।
रेलवे अपनी इस परियोजना के तहत किस्तों में पैसा आवंटन करेगा। रेलवे के अधिकारी ने कहा कि 1500 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर रेल पटरियों के किनारे कंक्रीट की दीवार का निर्माण होगा।
जहां पर कंक्रीट की दीवार नहीं बन सकेगी वहां पर कंटीले तारों से बैरीकेडिंग की जाएगी। यह इसलिए किया जाएगा ताकि कोई जानवर, इंसान अथवा वाहन रेलवे लाइन के किनारे नहीं आए।
2020 तक पूरा करने का लक्ष्य
रेल मंत्रालय इस योजना को 2020 तक पूरा करना चाहता है। इससे कानपुर से दिल्ली की दूरी मात्र 3 घंटे में पूरी हो जाएगी।
ट्रैक के पूरा हो जाने के बाद इस रुट पर ज्यादातर गाड़ियों की रफ्तार को बढ़ा दिया जाएगा, जिनमें मेल, एक्सप्रेस, शताब्दी और राजधानी ट्रेन शामिल हैं।
अभी इस ट्रैक पर चलने वाली ज्यादातर गाड़ियों की औसत स्पीड 90 किलोमीटर प्रति घंटा होती है। केवल राजधानी और शताब्दी की स्पीड 110 किलोमीटर प्रति घंटा होती है।
इस ट्रैक पर अभी भी कई रेल खंड पर सिगनल प्रणाली पुरानी है,जिसको ऑटोमेटिक किया जा रहा है।
तीसरी रेल लाइन का भी हो रहा है निर्माण
तो फिर दौड़ने लगेगी टेल्गो ट्रेन
रेल मंत्रालय का विचार इस रुट पर टेल्गो ट्रेन को दौड़ाने का है। अभी हाल ही में रेलवे ने दिल्ली से मुंबई रुट पर इस ट्रेन का परीक्षण किया था, जिसमें यह ट्रेन खरी उतरी थी। हालांकि रेलवे ने टेल्गो को इस ट्रेन के डिजाइन में बदलाव करने को कहा था, जिससे इसको भारतीय रेल अपने हिसाब चला सके।