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Hindi News ›   India News ›   Delhi High Court seeks response from the government for phone tapping of Ajit Doval by CBI

डोभाल की फोन टैपिंग मामले में अदालत का केंद्र सरकार से जवाब तलब

Tue, 15 Jan 2019 08:25 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आसिम खान Updated Tue, 15 Jan 2019 08:25 PM IST
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Delhi High Court seeks response from the government for phone tapping of Ajit Doval by CBI

सीबीआई बनाम सीबाआई की लड़ाई के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल का कथित फोन टेपिंग मामले भी हाईकोर्ट पंहुच गया। विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार व सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि एजेंसी के कुछ अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध रूप से फोन टेपिंग कर रहे थे। इस याचिका में फोन टेपिंग व सर्विलांस के लिए दिशा निर्देश बनाने की भी मांग की गई है।  

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मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन व न्यायमूर्ति वीके राव की खंडपीठ ने सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए कहा इस तरह की गतिविधियां देश के लिये खतरनाक हैं। इस याचिका में कहा गया है कि सीबीआई बनाम सीबीआई विवाद के दौरान डोभाल के अलावा भी कई अधिकारियों को फोन अवैध रूप से टेप किये गये। याचिका दायर करने वाले अधिवक्ता सार्थक चुतर्वेदी का आरोप है कि कई अधिकारियों ने अपने निजी स्वार्थों के चलते अपने पद का दुरुपयोग करते हुये फोन टेप किये। याचिका में यह भी कहा गया है कि आलोक वर्मा व राकेश अस्थाना के बीच चल रहे विवाद की जानकारी फोन टेपिंग करने वाली विशेष यूनिट को डोभाल व अस्थाना के बीच हुयी बातचीत की जानकारी थी क्योंकि डोभाल का फोन टेप किया जा रहा था।  
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याचिका में कहा गया है कि इस बात का खुलासा सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई के डीआईजी मनीष सिन्हा के आवेदन पर सुनवाई के दौरान हुआ था। सिन्हा विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ मामले की जांच कर रहे थे और उनका ट्रांसफर कर दिया गया था। याचिका में सिन्हा के आवेदन का हवाला देते हुये यह भी कहा गया है कि डोभाल ने अस्थाना को उनके खिलाफ एफआईआर दज होने की बात बताई थी। अस्थाना ने डोभाल से आग्रह किया था कि उनकी गिरफ्तारी न हो। इसके बाद अस्थाना के खिलाफ जांच करने वाली पूरी टीम का अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव ने ट्रांसफर कर दिया गया था।  
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याची के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता कीर्ति उप्पल ने कहा कि सुरक्षा सलाहकार का फोन टेप करने की अनुमति सीबीआई को किसने दी थी? यह देश की सुरक्षा के लिये बहुत बड़ा खतरा है। यह बातें आम जनता के बीच आई और एक वेस साइट ने इन्हें प्रकाशित भी किया। इतना ही नहीं रॉ के विशेष सचिव व विधि सचिव के फोन भी सर्विलांस पर रखे गये थे। केंद्र सरकार की ओर से स्थायी अधिवक्ता गौरांग कांत ने कहा कि फोन टेपिंग संबंधी दिशा निर्देश सुप्रीम कोर्ट में काफी पहले बना दिये थे। इसके बाद याची ने यह मांग छोड़ दी।  

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