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कोरोना संकट : याचिकाकर्ता ने कहा- हर दिन 20 वकीलों की हो रही मौत, जज बोले- हम असहाय

Sat, 01 May 2021 02:09 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 01 May 2021 02:09 AM IST
सार

  • दिल्ली हाईकोर्ट में कोरोना के हालात को लेकर हुई सुनवाई, रो पडे़ वरिष्ठ वकील रमेश गुप्ता

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delhi high court judge said on corona crisis, we are helpless
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

कोरोना संक्रमण के बदतर होते हालात को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई। वकीलों की ओर से अर्जी दायर कर रमेश गुप्ता रोते हुए बोले, हर दिन 20 वकीलों की मौत की खबर सुनाई दे रही है। किसी को न अस्पताल दिला पा रहे हैं न ऑक्सीजन सिलिंडर। लोग तड़प-तड़प कर मर रहे हैं।

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उन्होंने कहा कि हम न तो केंद्र को जिम्मेदार ठहराने चाहते हैं और न ही दिल्ली सरकार को। हम बस अपने साथियों की मदद करना चाहते हैं। हमारे गेस्ट हाउस को अटैच कर दिया जाए। इस पर जज ने कहा, हम सब असहाय हैं। साथ ही दिल्ली सरकार से पूछा कि इस मामले में क्या इंतजाम हो सकता है।
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रमेश गुप्ता ने कहा, अदालत परिसरों में टीकाकरण केंद्र बना दिया जाए। रामलीला मैदान में जो केंद्र बना है, वहां व्यवस्था कर दी जाए। इस पर जस्टिस विपिन सांघी ने कहा, आप जो चिंता जता रहे हैं, वह आज सभी के सामने हैं। अटैचमेंट का आदेश दे भी दिया जाए तो बुनियादी ढांचा कहां से लाएंगे। हमारे पास बार काउंसिल के कई संक्रमित सदस्यों के फोन आ रहे हैं। उन्हें ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं मिले तो वे मर जाएंगे।
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हाईकोर्ट ने कहा, हम आपका दर्द समझते हैं। किसी ने नहीं सोचा था कि कोरोना वायरस के कारण इतने बुरे दिन आ जाएंगे। दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑक्सीजन आपूर्ति की समस्या सुलझाने के लिए एक व्हाट्सएप समूह बनाने की सलाह दी है। कोर्ट ने कहा, एक समूह बनाकर उसमें ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ता कंपनी और अस्पतालों को जोडे़ं। इससे कोई जवाबदेही तय होगी और काम में पारदर्शिता भी आएगी।

बार काउंसिल के लिए अलग अस्पताल मांगा
वकील रमेश गुप्ता ने कोर्ट से निवेदन किया कि बार काउंसिल के सदस्यों के लिए एक अस्पताल की व्यवस्था की जाए। इसमें आईसीयू बेड की सुविधा भी हो। उन्होंने कहा, हम बस इतना पूछना चाहते हैं कि सेना को इसमें शामिल क्यों नहीं किया जा सकता?

आपूर्तिकर्ता ने खड़े किए हाथ, कहा, हमारे पास ऑक्सीजन खरीदने के पैसे नहीं
ऑक्सीजन कंपनी सेठ एयर ने हाईकोर्ट में कहा, हमारे पास ऑक्सीजन खरीदने के पैसे नहीं हैं। कंपनी ने कहा कि लिंडे कंपनी ने ऑक्सीजन के दाम बढ़ा दिए हैं, लेकिन सेठ एयर पुराने रेट पर ही ऑक्सीजन आपूर्ति कर रही है।


इस पर कोर्ट ने कहा कि यदि ऐसा हो रहा है तो एक बड़ी समस्या है। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में न्यायमित्र बने राजशेखर राव से कहा कि लिंडे कंपनी से संपर्क कर इस मामले को समझने की कोशिश करें।

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