फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Delhi high court gave relief to wife and upheld decision of family court granting them divorce

पत्नी का खाना बनाकर न देना, पति से सहानुभूति न रखना तलाक का आधार नहीं: हाईकोर्ट

Thu, 11 Jul 2019 09:23 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Thu, 11 Jul 2019 09:23 AM IST
विज्ञापन
Delhi high court gave relief to wife and upheld decision of family court granting them divorce
फाइल फोटो

दिल्ली उच्च न्यायालय ने तलाक के दो मामलों में सुनवाई की है। एक मामले में जहां पत्नी को तो दूसरे मामले में पति को राहत मिली। न्यायालय ने पहले मामले में पारिवारिक अदालत के फैसले को उलट दिया। पारिवारिक अदालत ने शादी के 28 साल बाद पति की मांग को मानते हुए केवल इसलिए तलाक दे दिया था क्योंकि पत्नी खाना बनाकर नहीं देती और उससे सहानूभूति नहीं रखती है।

विज्ञापन


न्यायालय के न्यायमूर्ति जीएस सिस्तानी और ज्योति सिंह की बेंच ने सोमवार को पत्नी की याचिका पर कहा कि पत्नी का खाना बनाकर न देना, साहनुभूति न रखना, दोनों के बीच शिक्षा के अंतर पर बहस होना, बिजली का बिल न भरना आदि कारण तलाक का आधार नहीं हो सकते हैं। यह बातें शादीशुदा जीवन में होने वाली नोंक-झोंक हैं।
विज्ञापन


न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने अपने फैसले में कहा कि पत्नी से तलाक के लिए पति ने जो आधार पेश किए हैं उनमें कोई भी ऐसा आधार नहीं है जो कानूनी रूप से क्रूरता की श्रेणी में आता हो। वहीं मारपीट और अन्य गंभीर आरोपों के पुख्ता सबूत नहीं हैं। निचली अदालत ने इस तथ्य को अनदेखा किया कि बेशक 2008 से पति-पत्नी अलग रह रहे हैं लेकिन दोनों एक ही बिल्डिंग में रहते हैं जोकि दोनों की संयुक्त संपत्ति है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी वजह से दोनों के बीच विवाद खत्म होने की अभी भी संभावना है। इस कारण पारिवारिक अदालत के फैसले को सही नहीं कहा जा सकता। अत: पारिवारिक अदालत के तलाक के फैसले को रद्द किया जाता है। इस जोड़े की शादी छह जुलाई 1989 को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में हुई थी। दोनों 2008 से अलग रह रहे थे। पति की याचिका पर 23 सितंबर, 2017 को पारिवारिक अदालत ने सभी आधार को क्रूर मानते हुए तलाक दे दिया था।

पति की बेइज्जती करना, धमकी देना तलाक का आधार

दूसरे मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि पत्नी द्वारा पति के दोस्तों के सामने उसकी बेइज्जती करना, रात में लड़ाई करके सोने न देना और दहेज के झूठे केस में फंसाने की धमकी देना तलाक का आधार हैं। अदालत ने पारिवारिक अदालत द्वारा वायुसेना के एक अधिकारी को उनकी पत्नी से इन आधारों पर तलाक को जायज ठहराया।



न्यायमूर्ति ज्योति सिंह ने कहा कि वायुसेना के अधिकारी से पत्नी रातभर झगड़ा करती है, जिसके कारण वह ठीक से सो नहीं पाता है। वह सुबह पांच बजे ड्यूटी पर जाता है। इससे न केवल उसका बल्कि अन्य लोगों का जीवन भी खतरे में पड़ सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed