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Delhi: उच्च न्यायालय ने सीएम आवास की सुरक्षा पुख्ता करने का दिया निर्देश, प्रदर्शन के दौरान की गई थी तोड़फोड़
Fri, 04 Nov 2022 06:08 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Fri, 04 Nov 2022 06:08 AM IST
सार
विस्थापित कश्मीरी पंडितों पर केंद्रित फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ पर केजरीवाल की टिप्पणी के विरोध में मुख्यमंत्री आवास पर विरोध प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ की गई थी।
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दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल
- फोटो : ANI
विस्तार
दिल्ली उच्च न्यायालय ने विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निवास पर तोड़फोड़ के मामले पर गंभीर रुख अपनाया है। न्यायालय ने दिल्ली पुलिस को मुख्यमंत्री आवास पर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने आम आदमी पार्टी (आप) विधायक सौरभ भारद्वाज की ओर से दायर जनहित याचिका (पीआईएल) पर कार्यवाही बंद कर दी है। याचिका में 30 मार्च को हुई इस घटना की जांच के लिए एसआईटी गठित करने की मांग की गई थी।
विस्थापित कश्मीरी पंडितों पर केंद्रित फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ पर केजरीवाल की टिप्पणी के विरोध में मुख्यमंत्री आवास पर विरोध प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ की गई थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि याचिका में उठाई गई शिकायतों को दिल्ली पुलिस की ओर से अदालत के समक्ष दायर स्थिति रिपोर्ट में दिए गए आश्वासनों को पूरा किया गया है। अदालत ने दिल्ली पुलिस को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा के संबंध में उनकी स्थिति रिपोर्ट में बताए गए उपायों को लागू करे। पीठ ने कहा कि मौजूदा रिट याचिका पर आगे कोई आदेश पारित करने की जरूरत नहीं है, इसलिए इसे निपटाया जाता है। दिल्ली पुलिस के वकील ने पहले अदालत को बताया था कि मुख्यमंत्री के आवास की ओर जाने वाली सड़क के दोनों छोर पर दो गेट बनाए जाएंगे और 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष काम जल्द पूरे कर लिए जाएंगे।
वकील ने अदालत को यह भी बताया था कि पुलिस ने केजरीवाल के आवास के बाहर की घटना से जुड़े मामले में 30 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर केजरीवाल के आवास के बाहर लगे बैरिकेड्स को तोड़ दिया और पुलिस की मौजूदगी में सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट किया गया। दिल्ली पुलिस ने अदालत को सूचित किया था कि सशस्त्र गार्डों की तैनाती बढ़ाने के साथ ही मुख्यमंत्री आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अदालत ने मुख्यमंत्री आवास पर हुई तोड़फोड़ की घटना को रोकने में दिल्ली पुलिस की विफलता पर नाराजगी व्यक्त की थी। इस साल 30 मार्च को कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर हमला किया था। इसकी वीडियो और तस्वीरों से पता चलता है कि उन्होंने सुरक्षा घेरे को पार करते हुए तोड़फोड़ की थी। बैरियर तोड़ दिया और सीसीटीवी कैमरों को लाठियों से तोड़कर गेट पर पेंट फेंक दिया और दिल्ली पुलिस के जवान बस देखते रहे।
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विस्थापित कश्मीरी पंडितों पर केंद्रित फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ पर केजरीवाल की टिप्पणी के विरोध में मुख्यमंत्री आवास पर विरोध प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ की गई थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि याचिका में उठाई गई शिकायतों को दिल्ली पुलिस की ओर से अदालत के समक्ष दायर स्थिति रिपोर्ट में दिए गए आश्वासनों को पूरा किया गया है। अदालत ने दिल्ली पुलिस को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा के संबंध में उनकी स्थिति रिपोर्ट में बताए गए उपायों को लागू करे। पीठ ने कहा कि मौजूदा रिट याचिका पर आगे कोई आदेश पारित करने की जरूरत नहीं है, इसलिए इसे निपटाया जाता है। दिल्ली पुलिस के वकील ने पहले अदालत को बताया था कि मुख्यमंत्री के आवास की ओर जाने वाली सड़क के दोनों छोर पर दो गेट बनाए जाएंगे और 60 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष काम जल्द पूरे कर लिए जाएंगे।
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वकील ने अदालत को यह भी बताया था कि पुलिस ने केजरीवाल के आवास के बाहर की घटना से जुड़े मामले में 30 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की युवा शाखा भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर केजरीवाल के आवास के बाहर लगे बैरिकेड्स को तोड़ दिया और पुलिस की मौजूदगी में सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट किया गया। दिल्ली पुलिस ने अदालत को सूचित किया था कि सशस्त्र गार्डों की तैनाती बढ़ाने के साथ ही मुख्यमंत्री आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अदालत ने मुख्यमंत्री आवास पर हुई तोड़फोड़ की घटना को रोकने में दिल्ली पुलिस की विफलता पर नाराजगी व्यक्त की थी। इस साल 30 मार्च को कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर हमला किया था। इसकी वीडियो और तस्वीरों से पता चलता है कि उन्होंने सुरक्षा घेरे को पार करते हुए तोड़फोड़ की थी। बैरियर तोड़ दिया और सीसीटीवी कैमरों को लाठियों से तोड़कर गेट पर पेंट फेंक दिया और दिल्ली पुलिस के जवान बस देखते रहे।
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