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दिल्ली अग्निकांड के पीड़ितों को 'मुआवजे का मरहम', मृतकों में अधिकतर यूपी-बिहार से

Sun, 08 Dec 2019 02:48 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Sun, 08 Dec 2019 02:48 PM IST
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delhi fire victims get financial assistance from many places, most deceased are from UP-Bihar
अवैध फैक्टी में लगी आग के कारण मरने वाले ज्यादातर लोग यूपी-बिहार से हैं - फोटो : PTI

दिल्ली के रानी झांसी रोड इलाके में अनाज मंडी इलाके में लगी भीषण आग में अबतक 45 लोगों की मौत हो गई है। इस इमारत में चल रही छोटी-छोटी फैक्ट्रियों में काम करने वाले ज्यादातर मजदूर बिहार और उत्तर प्रदेश के थे। यहां कोई पैकेजिंग का काम करते था तो कोई स्कूली बैग बनाता था। काम करने के बाद मजदूर यहीं पर सो जाते थे। शनिवार को भी वह दिनभर काम की थकान के बाद सो गए थे जिसमें से कई लोग दूसरे दिन की सुबह नहीं देख पाए। प्रशासन फिलहाल मृतकों की पहचान करने में जुटा हुआ है।  

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एक कमरे में रहते थे 10-15 लोग

इमारत में काम करने वाले ज्यादातर मजदूर रात में यहीं सो जाते थे। एक-एक कमरे में 10-15 लोग रहा करते थे। दिनभर काम करने के बाद वह थककर जहां जगह मिलती वहीं पर सो जाते थे। रोजी-रोटी कमाने के लिए राजधानी दिल्ली आए ये लोग संकरी गली में मौजूद मकान में बेहद खराब स्थिति में अपने दिन गुजार रहे थे।

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रिहायशी इलाके में चल रही थी अवैध फैक्ट्री

रिहायशी इलाके में ये फैक्ट्रियां अवैध तरीके से चल रही थीं। जिसके लिए सभी नियम-कानून को ताक पर रखा गया। आग बुझाने के लिए मौके पर पहुंची दमतल की गाड़ी को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दमकल अधिकारी ने बताया कि अग्निश्मन विभाग से भी अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं लिया गया था। पुलिस इमारत के मालिक को तलाश कर रही है। फिलहाल उसके भाई को हिरासत में लिया गया है।

बिहार के थे ज्यादातर मजदूर

इमारत के अंदर लगी आग के कारण अपनी जान गंवाने वाले ज्यादातर मजदूर बिहार के दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर के रहने वाले थे। हालांकि मृतकों को लेकर ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है। 

जो ऊपर थे वह वहीं रह गए

हादसे के प्रत्यक्षदर्शी और दरभंगा के रहने वाले मोहम्मद शाहिद ने बताया कि जब आग लगी वह इमारत के अंदर ही थे। उन्होंने बताया कि मैं सोया हुआ था। सुबह पांच एक व्यक्ति मेरे कमरे में आया और सभी को उठाकर कहा कि नीचे आग लग गई है। हम लोग उठकर नीचे देखने लगे। इतने में आग फैल गई। हम दोबारा ऊपर नहीं आ पाए। जो ऊपर थे वह ऊपर और जो नीचे थे वह नीचे ही रह गए। किसी को दोबारा अंदर जाने का मौका नहीं मिला।

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार - फोटो : ANI

नीतीश ने किया मुआवजे का एलान

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अवैध फैक्ट्री में लगी आग के पीड़ित परिजनों को दो लाख रुपये मुआवजा देने का एलान किया है। यह राशि उन मजदूरों को दी जाएगी जो बिहार से ताल्लुक रखते हैं।

पीएम कोष से दो- दो लाख की सहायता

घटना में मरने वालों और घायलों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मुआवजा राशि देने का एलान किया गया है। मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपए और गंभीर रूप से घायलों को 50 हजार रुपए की मुआवजा राशि दी जाएगी।

केजरीवाल ने 10 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने घटनास्थल का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के लिए 10 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। केजरीवाल ने इस घटना में झुलसे लोगों के लिए एक लाख रुपये मुआवजा राशि की घोषणा की है। केजरीवाल ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार दोषी को नहीं छोड़ेगी और उन्हें कड़ी सजा मिलेगी।

भाजपा देगी आर्थिक सहायता

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी ने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि जांच पूरी होने तक कुछ नहीं बोलूंगा। मृतकों के परिजनों को पार्टी की तरफ से 5-5 लाख रुपये और घायलों को 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

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