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Delhi: केवल 311 डायल करने से होगा हर समस्या का समाधान, सभी विभागों को एक कमांड में लाने की व्यवस्था लागू
Mon, 05 May 2025 07:38 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Mon, 05 May 2025 07:38 PM IST
सार
पूरी दिल्ली के लोगों को अब बारिश में जाम, पानी न निकलने या सीवर से संबंधित कोई भी समस्या हो, लोगों को इसी हेल्पलाइन नंबर (311) पर डायल करना होगा।
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प्रवेश वर्मा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छोटी सी दिल्ली में बारिश या बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए कई एजेंसियां (NDMC, MCD, DDA, PWD, जल बोर्ड और फ्लड विभाग) काम करती हैं। सबके क्षेत्र बंटे हुए हैं। लेकिन बारिश के समय जब कोई समस्या आती है तो आम लोगों को यह समझ नहीं आता है कि वे किस एजेंसी को कॉल करें जिससे उनकी समस्या का समाधान हो। कई बार फोन करने के बाद पता चलता है कि वे जिस एजेंसी को कॉल कर रहे हैं, वह एरिया उस एजेंसी के अधिकार क्षेत्र में आता ही नहीं है। इसे देखते हुए दिल्ली सरकार ने बारिश में पानी इकट्ठा होने या सीवर जाम होने जैसी समस्याओं के लिए 'एक हेल्पलाइन नंबर 311' जारी किया है।
पूरी दिल्ली के लोगों को अब बारिश में जाम, पानी न निकलने या सीवर से संबंधित कोई भी समस्या हो, लोगों को इसी हेल्पलाइन नंबर (311) पर डायल करना होगा। फोन सुनने वाला कर्मचारी उसे संबंधित विभाग या एजेंसी तक पहुंचा देगा। इससे उपभोक्ताओं को अलग-अलग एजेंसियों के हेल्पलाइन नंबर पता करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे समस्याओं का त्वरित समाधान करने में मदद भी मिलेगी।
मंत्री ने जारी किया नंबर
पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने एनडीएमसी के कंट्रोल एंड कमांड सेंटर का निरीक्षण करने के बाद सोमवार को यह नंबर जारी किया। वर्मा ने कहा कि अब लोगों को यह सोचने की जरूरत नहीं कि समस्या किस विभाग की है। नागरिक केवल 311 पर कॉल करें और उनकी शिकायत संबंधित विभाग तक तुरंत पहुंचा दी जाएगी। उन्होंने इसे 'वन दिल्ली, वन नंबर' योजना बताया।
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यह नई व्यवस्था खासतौर से मानसून सीजन को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। जलभराव, टूटी सड़कें, बंद नाले या ओवरफ्लो सीवर जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को अब किसी विभाग के चक्कर नहीं काटने होंगे। अगले दो से तीन दिनों के भीतर सभी संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें कमांड सेंटर की संचालन प्रणाली, विभागों के प्रतिनिधियों की प्रतिनियुक्ति, जवाबदेही तंत्र और तकनीकी एकीकरण पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
CCTV से होगी संवेदनशील स्थानों की निगरानी
दिल्ली में कई इलाके ऐसे हैं जहां बारिश का पानी भर जाने से समस्या गंभीर हो जाती है। लेकिन अब लगातार 24 घंटे सीसीटीवी से इन स्थानों की निगरानी की जाएगी। कुछ स्थानों पर ऑटोमैटिक सिस्टम भी लगाए जाएंगे। जैसे ही यहां पर पानी की मात्रा एक सीमा से ज्यादा होगी, पंप सिस्टम तुरंत काम करना शुरू कर देंगे। इससे पानी अधिक लगने की समस्या नहीं होगी।
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पूरी दिल्ली के लोगों को अब बारिश में जाम, पानी न निकलने या सीवर से संबंधित कोई भी समस्या हो, लोगों को इसी हेल्पलाइन नंबर (311) पर डायल करना होगा। फोन सुनने वाला कर्मचारी उसे संबंधित विभाग या एजेंसी तक पहुंचा देगा। इससे उपभोक्ताओं को अलग-अलग एजेंसियों के हेल्पलाइन नंबर पता करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे समस्याओं का त्वरित समाधान करने में मदद भी मिलेगी।
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मंत्री ने जारी किया नंबर
पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने एनडीएमसी के कंट्रोल एंड कमांड सेंटर का निरीक्षण करने के बाद सोमवार को यह नंबर जारी किया। वर्मा ने कहा कि अब लोगों को यह सोचने की जरूरत नहीं कि समस्या किस विभाग की है। नागरिक केवल 311 पर कॉल करें और उनकी शिकायत संबंधित विभाग तक तुरंत पहुंचा दी जाएगी। उन्होंने इसे 'वन दिल्ली, वन नंबर' योजना बताया।
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यह नई व्यवस्था खासतौर से मानसून सीजन को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। जलभराव, टूटी सड़कें, बंद नाले या ओवरफ्लो सीवर जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को अब किसी विभाग के चक्कर नहीं काटने होंगे। अगले दो से तीन दिनों के भीतर सभी संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें कमांड सेंटर की संचालन प्रणाली, विभागों के प्रतिनिधियों की प्रतिनियुक्ति, जवाबदेही तंत्र और तकनीकी एकीकरण पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
CCTV से होगी संवेदनशील स्थानों की निगरानी
दिल्ली में कई इलाके ऐसे हैं जहां बारिश का पानी भर जाने से समस्या गंभीर हो जाती है। लेकिन अब लगातार 24 घंटे सीसीटीवी से इन स्थानों की निगरानी की जाएगी। कुछ स्थानों पर ऑटोमैटिक सिस्टम भी लगाए जाएंगे। जैसे ही यहां पर पानी की मात्रा एक सीमा से ज्यादा होगी, पंप सिस्टम तुरंत काम करना शुरू कर देंगे। इससे पानी अधिक लगने की समस्या नहीं होगी।