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दिल्ली में करारी हार के बाद कांग्रेस में घमासान शुरू, सिब्बल बोले- हमारे पास चेहरे की थी कमी

Wed, 12 Feb 2020 03:12 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Wed, 12 Feb 2020 03:12 PM IST
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Delhi Election Results 2020 Congress Party leaders Reactions on drubbing in Delhi polls All Update
पी चिदंबरम, शर्मिष्ठा मुखर्जी और कपिल सिब्बल - फोटो : ANI

कांग्रेस एक बार फिर दिल्ली में अपना खाता नहीं खोल पाई। दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी के अंदर की कलह खुलकर सामने आ गई है। कांग्रेस के प्रदर्शन पर अब उनके नेता ही सवाल उठाने लगे हैं। मंगलवार को नतीजे आने के बाद प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद बुधवार दोपहर कांग्रेस के दिल्ली प्रदेश प्रभारी पीसी चाको ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वहीं प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष शर्मिष्ठा मुखर्जी ने चिदंबरम के बयान पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी को बंद करने की सलाह दे डाली।

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सिब्बल बोले- चेहरे की थी कमी

इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा है कि कांग्रेस के पास दिल्ली में प्रोजेक्ट करने के लिए चेहरे की कमी थी। यह पार्टी का अंदरूनी मुद्दा है। हम इस पर गौर करेंगे और इसका जल्द से जल्द समाधान करेंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने एनसीपी प्रमुख शरद पवार के बयान पर आगे कहा कि दिल्ली ने बीजेपी को जबरदस्त झटका दिया है और उनकी हार अब नहीं रुकेगी।

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बिहार में भी भाजपा का हश्र दिल्ली की तरह ही होगा

सिब्बल ने कहा कि इस भाजपा की ध्रुवीकरण की राजनीति और उसके मंत्रियों द्वारा खेले जाने वाले समाज को विभाजित करने का कार्ड दिल्ली और भारत के लोगों के लिए ठीक नहीं है। आप झारखंड और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में उभर रहे परिणामों में इसका प्रतिबिंब देख सकते हैं। अमित शाह पर निशाना साधते हुए सिब्बल ने कहा कि उन्हें यह महसूस होना चाहिए कि लोगों को विभाजित करने का कोई मतलब नहीं है। क्योंकि इस तरह के फैसले से जहां चुनाव पर प्रभाव पड़ता है, वहीं निवेश को भी प्रभावित करता है। सिब्बल ने आगे कहा कि भाजपा को इस साल के अंत में बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव में भी दिल्ली जैसी किस्मत हाथ लगेगी। 

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शर्मिष्ठा मुखर्जी ने चिदंबरम से पूछा- केजरीवाल की जीत पर गर्व क्यों कर रहे हैं?


आम आदमी पार्टी (आप) की जीत को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम द्वारा विपक्ष का हौसला बढ़ाने वाला परिणाम करार दिए जाने पर उनकी ही पार्टी की नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने आपत्ति जताते हुए कहा कि अगर कांग्रेस ने भाजपा को पराजित करने का काम क्षेत्रीय दलों को आउटसोर्स कर दिया है तो प्रदेश कांग्रेस कमेटियों (पीसीसी) को अपनी दुकान बंद कर देना चाहिए।


कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता और दिल्ली महिला कांग्रेस की प्रमुख शर्मिष्ठा ने चिदंबरम के एक ट्वीट को रिट्वीट करते हुए कहा, ‘सर, पूरे सम्मान के साथ कहना चाहती हूं कि क्या कांग्रेस ने भाजपा को पराजित करने के लिए प्रादेशिक स्तर के दलों को आउटसोर्स कर रखा है? अगर ऐसा नहीं है तो हम अपनी करारी शिकस्त के बारे में चिंता करने की बजाय आम आदमी पार्टी की जीत पर खुशी क्यों मना रहे हैं? और अगर यह ‘हां’ है तो फिर हमें (पीसीसी) दुकान बंद कर देनी चाहिए।’

दरअसल, चिदंबरम ने ट्वीट किया था, ‘अगर मतदाता उन राज्यों के विचारों का प्रतिनिधित्व करते हैं जहां से वे आए थे, तो दिल्ली का मत विपक्ष का यह विश्वास बढ़ाने वाला है कि भाजपा को हर राज्य में हराया जा सकता है। दिल्ली का वोट राज्य विशेष के वोट की तुलना में अखिल भारतीय वोट है क्योंकि दिल्ली एक मिनी इंडिया है।’
 

पीसी चाको के एक बयान से घमासान शुरू

दिल्ली प्रभारी पीसी चाको के एक बयान से घमासान शुरू हो गया है और कई नेताओं ने चाको पर हमला बोला है। दरअसल, कांग्रेस नेता चाको ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का पतन 2013 में शुरू हो गया था, जब शीला दीक्षित मुख्यमंत्री थीं। उन्होंने कहा  कि एक नई पार्टी आम आदमी पार्टी (आप) के उदय ने कांग्रेस के पूरे वोट बैंक को छीन लिया। हम इसे कभी वापस नहीं पा सके। यह अभी भी आप के साथ बना हुआ है।

मिलिंद देवरा ने चाको पर साधा निशाना

पूर्व केंद्रीय मंत्री मिलिंद देवरा ने इसे लेकर चाको पर निशाना साधा और कहा कि चुनावी हार के लिए दिवंगत शीला दीक्षित को जिम्मेदार ठहराना दुर्भाग्यपूर्ण है। देवरा ने कहा कि शीला दीक्षित जी एक बेहतरीन राजनीतिज्ञ और प्रशासक थीं। मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान दिल्ली की तस्वीर बदली और कांग्रेस पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुई। उनके निधन के बाद उनको जिम्मेदार ठहराना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने अपना जीवन कांग्रेस और दिल्ली के लोगों के लिए समर्पित कर दिया।



गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में आप ने 62 सीटें हासिल करके शानदार जीत दर्ज की है। भाजपा को महज आठ सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस का खाता भी नहीं खुला।

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