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Delhi Election Result: एक-एक वोट के लिए तरसी बसपा और एआईएमआईएम, वामपंथी दलों को भी नोटा से कम मिले वोट

Sat, 08 Feb 2025 08:21 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Sat, 08 Feb 2025 08:21 PM IST
सार

Delhi Election Result: दिल्ली में किसकी सरकार? इस सवाल के जवाब के लिए जब आज मतों की गणना शुरू हुई तो मामला शुरुआत से ही एकतरफा नजर आया। बढ़त के साथ एक बार जो भाजपा आगे बढ़ी तो अपने सभी प्रतिद्वंदियों को मात देते हुए दिल्ली में 27 साल के बाद प्रचंड बहुमत के साथ वापसी की। हालांकि भाजपा के इस आंधी में कांग्रेस-आम आदमी के साथ-साथ छोटी पार्टियां भी संघर्ष करती दिखीं और एक प्रतिशत वोट भी हासिल नहीं कर पाईं। 

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Delhi Election Result: Parties like BSP-CPI yearned for votes, had to struggle even for one percent votes
दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणाम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली में 27 साल बाद भाजपा की वापसी हुई। 5 फरवरी को 70 सीटों पर हुए मतदान में भाजपा ने प्रचंड बहुमत हासिल करते हुए आम आदमी पार्टी को सीटों के बरे अंतर से हराकर दिल्ली की कुर्सी पर अपना कब्जा जमाया। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी का प्रदर्शन निराशा जनक रहा और 'आप' पार्टी 22 सीटों पर ही जीत हासिल कर सकी।
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हालांकि भाजपा के इस आंधी में आम आदमी पार्टी ही नहीं कांग्रेस समेत कई अन्य दलों जैसे बहुजन समाज पार्टी (बसपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) को दिल्ली चुनाव में कोई खास असर नहीं दिखा और वे एक प्रतिशत से भी कम वोट शेयर हासिल करने में सफल रहे।
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एक नजर पार्टियों के प्रदर्शन पर
भाजपा, आम आदमी पार्टी की बात छोड़ दे तो चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (एआईएफबी) अपना खाता भी नहीं खुला, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) को 0.78 प्रतिशत, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को 0.58 प्रतिशत, भाकपा को 0.2 प्रतिशत और जेडी(यू) को 0.86 प्रतिशत वोट मिले। इसके अलावा, कुल 0.56 प्रतिशत मतदाताओं ने कोई नहीं (NOTA) का विकल्प चुना।

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एक समीकरण ऐसा भी
दिल्ली चुनाव में ध्यान केंद्रित करने का विषय 2020 के दिल्ली दंगों के आरोपी और वर्तमान में जेल में बंद शिफा उर रहमान खान और ताहिर हुसैन भी रहा, जिसने दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा और आप के वोट शेयर में कमी की, जिससे कांग्रेस को फायदा हुआ और वह चौथे स्थान पर पहुंच गई। वहीं, बसपा दिल्ली में अपनी उपस्थिति फिर से स्थापित करने में नाकाम रही। पार्टी ने सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन 1 प्रतिशत वोट शेयर भी नहीं प्राप्त कर सकी।

वामपंथी पार्टी को नोटा से भी कम वोट
दिल्ली विधानसभा चुनाव में वामपंथी दलों के उम्मीदवार भी कोई करिश्मा नहीं दिखा सके। हालात यह रहे कि छह सीटों पर उतरे वामपंथी उम्मीदवारों को नोटा से भी कम वोट मिले। उम्मीदवार वोटों में सेंधमारी करने में भी फेल रहे। जहां छह सीटों पर वामपंथी दलों को कुल मिलाकर 2,158 वोट मिले, जबकि नोटा को 5,627 वोट मिले।

इन सीटों पर उम्मीदवारों का प्रदर्शन

  • बदरपुर से माकपा के उम्मीदवार जगदीश चंद को 367 वोट मिले, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) के विजयी उम्मीदवार राम सिंह नेताजी को 1,12,991 वोट मिले। इस सीट पर 915 वोट नोटा को मिले।
  • विकासपुरी से भाकपा के उम्मीदवार शेजौ वर्गीस को 580 वोट मिले, जबकि 1,127 वोट नोटा को गए। इस सीट पर भाजपा के पंकज कुमार सिंह विजयी रहे और उन्हें 1,03,955 वोट मिले।
  • पालम से भाकपा के उम्मीदवार दिलीप कुमार को 326 वोट मिले, जबकि नोटा को 1,119 वोट मिले। भाजपा के कुलदीप सोलंकी को 82,046 वोट मिले।
  • नरेला से भाकपा (माले) के उम्मीदवार अनिल कुमार सिंह को 328 वोट मिले, जबकि 981 वोट नोटा को गए। भाजपा के राजकरण खत्री को 87,215 वोट मिले और वे विजयी हुए।
  • कोंडली में सीपीआई-एमएल के अमरजीत प्रसाद को केवल 100 वोट मिले, जबकि 776 वोट नोटा को गए। आप के कुलदीप कुमार ने 61,792 वोटों से जीत हासिल की।

पीएम मोदी ने दिल्ली की जानता को किया धन्यवाद
जीत बाद भाजपा के मुख्य कार्यालय पहुंचे प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जीत पर कहा कि आज दिल्ली के लोगों में उत्साह और सुकून भी है। मैंने हर दिल्ली से प्रार्थना की थी भाजपा को सेवा का अवसर दीजिए है। दिल्ली के हर परिवारीजन को मोदी को गारंटी पर भरोसा करने के लिए नमन करता हूं। दिल्ली की जनता ने दिल खोलकर प्यार दिया। दिल्ली के लोगों का यह प्यार और विश्वास हम पर कर्ज है।



यह ऐतहासिक विजय सामान्य विजय नहीं
पीएम मोदी ने कहा कि इसे अब दिल्ली की डबल इंजन सरकार तेजी से विकास करके चुकाएगी। आज की यह ऐतहासिक विजय सामान्य विजय नहीं है। दिल्ली के लोगों ने आपदा को बाहर कर दिया। एक दशक की आपदा से दिल्ली मुक्त हुई। दिल्ली में विकास, विजन और विश्वास की जीत हुई। 

बता दें कि दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों पर हुए मतदान में भाजपा ने प्रचंड बहुमत हासिल की। चुनाव आयोग के अभी तक के आंकड़ों के अनुसार भाजपा 70 सीटों में 47 सीट जीत चुकी है, वहीं एक पर आगे चल रही है, जबकि आम आदमी पार्टी केवल 22 सीटों पर ही जीत हासिल कर पाई।

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