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कांग्रेस का आरोप, कच्ची कालोनियों के बिल के नाम पर जनता को धोखा दे रही है भाजपा
Fri, 29 Nov 2019 08:01 PM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Fri, 29 Nov 2019 08:01 PM IST
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Subhash Chopra Delhi Congress
- फोटो : Social Media
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केंद्र सरकार ने दिल्ली की कच्ची कालोनियों को पक्का करने का बिल लोकसभा में पास कर दिया। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के मुताबिक अगले हफ्ते यह राज्यसभा से भी पास हो जाएगा। इसके बाद नोटीफिकेशन जारी होते ही लोग अपने मकानों/फ्लैटों की पक्की रजिस्ट्री करा सकेंगे। लेकिन कांग्रेस ने केंद्र सरकार के इस दावे को एक राजनीतिक चाल करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि लोगों को अपने मकानों की रजिस्ट्री कराने के लिए जिन नियमों की आड़ ली जा रही है, उनके चलते ज्यादातर लोगों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।
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दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने शुक्रवार एक प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि सरकार ने कच्ची कालोनियों को पक्का करने के लिए कई प्रोविजन लगाए हैं। इनमें यमुना नदी के बहाव क्षेत्र, ऐतिहासिक महत्व की जगहों पर बनी कालोनियों, सरकारी भूमि पर बने भवनों और बड़ी बिजली की लाइनों के नीचे एक सुरक्षित दूरी के पहले घर बनवाने वाले लोगों के मकानों की रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी।
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चोपड़ा के मुताबिक सरकार के इस प्रोविजन के कारण सोनिया विहार और ओखला क्षेत्र की अनेक कालोनियां पक्की नहीं की जा सकेंगी। इसलिए सरकार को एक-एक कालोनी को नाम के साथ स्पष्ट करना चाहिए कि किन कालोनियों को पक्का किया जा सकेगा और किन कालोनियों को स्पष्ट नहीं किया जा सकेगा।
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शीला दीक्षित सरकार में मंत्री रहे कांग्रेस नेता अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि सरकार ने अपने इरादों को पूरा करने के लिए 180 दिन का समय लेने की बात कही है। जबकि दिल्ली विधानसभा का चुनाव अगले 80 दिन के पहले ही खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह केंद्र सरकार लोगों को अंधेरे में रखकर वोट लेना चाहती है जबकि बाद में सभी को इस योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा।