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बंगला सौंदर्यीकरण: सीबीआई की एंट्री के बाद सरगर्मी तेज, खुलासे के बाद क्या-क्या हुआ, केजरीवाल पर कौन-से आरोप?

Thu, 28 Sep 2023 07:54 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Thu, 28 Sep 2023 07:54 PM IST
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सार
बंगला सौंदर्यीकरण: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के सौंदर्यीकरण मामले की जांच अब सीबीआई करेगी। इससे पहले एलजी विनय सक्सेना ने 19 मई को केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर एक विशेष एजेंसी से जांच की सिफारिश की थी।
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Delhi cm residence renovation case timeline till the CBI lodges preliminary enquiry
दिल्ली सीएम आवास के सौंदर्यीकरण का मामला - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

आवास के सौंदर्यीकरण मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मामले की जांच अब सीबीआई करेगी। इसको लेकर एजेंसी ने प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज की है। इससे पहले उपराज्यपाल ने भी मुख्यमंत्री आवास सौंदर्यीकरण में हुए खर्च को संज्ञान में लिया था। केंद्रीय एजेंसी की इस कार्रवाई के बाद सियासी बयानबाजी भी शुरू हो गई है। आम आदमी पार्टी ने कहा है कि इस जांच से कुछ नहीं निकलेगा। वहीं, भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि केजरीवाल के एक और भ्रष्टाचार की सच्चाई सामने आएगी। 




इन तमाम घटनाक्रमों के बीच हमें जानना चाहिए कि आखिर मुख्यमंत्री आवास के सौंदर्यीकरण मामले में अभी क्या हुआ है? आवास के सौंदर्यीकरण में भ्रष्टाचार का मामला है क्या? इसमें आरोप क्या लगे हैं? केस में अब तक क्या-क्या हुआ? आरोपों पर केजरीवाल का क्या कहना है? आइए समझते हैं...

सीबीआई
सीबीआई - फोटो : सोशल मीडिया
मुख्यमंत्री आवास के सौंदर्यीकरण मामले में अभी क्या हुआ है? 
केजरीवाल 2015 में मुख्यमंत्री बनने के बाद से दिल्ली में 6 फ्लैगस्टाफ रोड स्थित आधिकारिक आवास में रह रहे हैं। केजरीवाल के इसी बंगले के निर्माण में अनियमितता के आरोप लगे हैं। केंद्रीय एजेंसी सीबीआई ने अनियमितता के आरोपों की प्रारंभिक जांच शुरू की है। सीबीआई द्वारा यह जांच दिल्ली सरकार के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ शुरू की गई है। मामले में एक नियमित एफआईआर दर्ज करने से पहले एजेंसी ने यह कदम उठाया है। प्रारंभिक जांच में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एफआईआर दर्ज करने के लिए प्रथम दृष्टया पर्याप्त सबूत हैं या नहीं। 

अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग से बंगले से संबंधित रिकॉर्ड जारी करने की मांग की है। इसके साथ ही एजेंसी ने पीडब्ल्यूडी से कागजात पेश करने को कहा है कि परियोजना को कैसे मंजूरी दी गई थी। जानकारी के मुताबिक, सीबीआई की ओर से विभाग को कागजात पेश करने के लिए 26 सितंबर तक का समय दिया गया था।

दिल्ली के मुख्यमंत्री का आवास
दिल्ली के मुख्यमंत्री का आवास - फोटो : SOCIAL MEDIA
आवास के सौंदर्यीकरण में भ्रष्टाचार का मामला है क्या?
दिल्ली सीएम के आवास के सौंदर्यीकरण में कथित भ्रष्टाचार का मामला इसी साल अप्रैल में पहली बार सामने आया। भाजपा ने दावा किया था कि केजरीवाल ने अपने आधिकारिक आवास के सौंदर्यीकरण के लिए करीब 45 करोड़ रुपये खर्च किए थे।

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा था कि आवास के लिए खरीदे गए आठ नए पर्दों में से एक की कीमत 7.94 लाख रुपये से अधिक है, जबकि सबसे सस्ता पर्दा 3.57 लाख रुपये का है। दस्तावेजों का हवाला देते हुए पात्रा ने कहा था कि 1.15 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के संगमरमर वियतनाम से लाए गए थे। वहीं, पहले से बनीं लकड़ी की दीवारों पर चार करोड़ रुपये खर्च किए गए थे।

भाजपा ने दावा किया था कि यह नवीकरण नहीं बल्कि पुराने की जगह नया ढांचा तैयार किया गया है। इसमें उनका कैंप कार्यालय भी है। इस मामले में दस्तावेज से पता चलता है कि 43.70 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि के बजाय सिविल लाइंस के 6, फ्लैगस्टाफ रोड स्थित केजरीवाल के सरकारी आवास की शक्ल बदलने पर 44.78 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। दस्तावेज में नौ सितंबर, 2020 से जून, 2022 के बीच छह बार में राशि खर्च की गई।

उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना - फोटो : ANI
मामले में अब तक क्या-क्या हुआ?
बाद में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन ने दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना को चिट्ठी लिखी थी। अपने पत्र में माकन ने आरोप लगाया था कि केजरीवाल ने अपने आवास पर 171 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। 

उपराज्यपाल ने मामले का संज्ञान लिया 
अजय माकन के पत्र के बाद उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मुख्यमंत्री आवास के सौंदर्यीकरण के मामले में मुख्य सचिव से एक हफ्ते में रिपोर्ट मांगी। मई में दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय ने मुख्यमंत्री आवास के नवीनीकरण के खर्च पर उपराज्यपाल को एक रिपोर्ट सौंपी। पीटीआई के मुताबिक, उस रिपोर्ट में कहा गया कि केजरीवाल के आधिकारिक आवास पर कुल 52.71 करोड़ रुपये की लागत आई।

वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से उपराज्यपाल वीके सक्सेना को 24 मई को एक पत्र मिला। इसके बाद जून अंत में केजरीवाल के आवास रेनोवेशन खर्च की जांच नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी कैग को सौंपी गई। आदेश में कहा गया कि कैग रेनोवेशन में हुई प्रशासनिक और वित्त अनियमितता के आरोपों का विशेष ऑडिट करेगा।  

इस मामले में अब सीबीआई की एंट्री हो गई है। एलजी सक्सेना ने 19 मई को केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर एक विशेष एजेंसी से जांच की सिफारिश की थी और अब इस मामले की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है।

सीएम अरविंद केजरीवाल
सीएम अरविंद केजरीवाल - फोटो : सोशल मीडिया
आरोपों पर केजरीवाल ने क्या कहा है?
इस मामले में गुरुवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, 'इससे पता चलता है कि पीएम घबराए हुए हैं, यह पहली पूछताछ नहीं है। पहले ही 50 से अधिक बार पूछताछ की जा चुकी है।'  उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ 33 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं, वे पिछले 8 साल से जांच कर रहे हैं, लेकिन कुछ नहीं मिला। इसलिए उन्होंने ये नई जांच शुरू की है, इसका भी स्वागत है, इस जांच में भी कुछ नहीं मिलेगा।

हालांकि, इससे पहले आप ने कहा था कि मुख्यमंत्री आवास करीब 80 साल पहले 1942 में बना था। सीएम हाउस में छत गिरने की तीन गंभीर घटनाएं हुईं और इसके पुनर्निर्माण की नौबत आई। PWD विभाग की सिफारिश पर 30 करोड़ रूपये की लागत से यह काम किया गया।
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