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राजनाथ सिंह: पड़ोसियों से अच्छे संबंध राष्ट्रीय सुरक्षा की कीमत पर नहीं
Sat, 31 Dec 2022 06:44 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Sat, 31 Dec 2022 06:44 AM IST
सार
राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारे पास गर्व करने के लिए जो भी विरासतें हैं, उसमें हमारी सांस्कृतिक विरासत सबसे प्रमुख है। हमारी संस्कृति विश्व की प्राचीनतम संस्कृतियों में से एक है और इसने भारत देश के साथ-साथ दुनिया भर को जीवन जीने की राह दिखाई है।
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह(फाइल)
- फोटो : PTI
विस्तार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि भारत अपने पड़ोसियों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध रखना और इन्हें आगे भी बनाए रखना चाहता है, लेकिन यह राष्ट्रीय सुरक्षा की कीमत पर नहीं किया जाएगा। शिवगिरि मठ की 90वीं वार्षिक तीर्थयात्रा के दौरान सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की उस टिप्पणी को याद किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि हम दोस्त बदल सकते हैं लेकिन पड़ोसी नहीं।
रक्षा मंत्री ने कहा, हम अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की कीमत पर किसी के साथ अच्छे संबंध नहीं चाहते हैं।
वहीं उन्होंने कहा, आज हमारे पास गर्व करने के लिए जो भी विरासतें हैं, उसमें हमारी सांस्कृतिक विरासत सबसे प्रमुख है। हमारी संस्कृति विश्व की प्राचीनतम संस्कृतियों में से एक है और इसने भारत देश के साथ-साथ दुनिया भर को जीवन जीने की राह दिखाई है। समता, समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और विश्वशांति के जिन सिद्धांतों की ओर आज दुनिया आगे बढ़ रही है, इसके सूत्र हमें भारतीय संस्कृति में दिखाई देते हैं।
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रक्षा मंत्री ने कहा, हम अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की कीमत पर किसी के साथ अच्छे संबंध नहीं चाहते हैं।
वहीं उन्होंने कहा, आज हमारे पास गर्व करने के लिए जो भी विरासतें हैं, उसमें हमारी सांस्कृतिक विरासत सबसे प्रमुख है। हमारी संस्कृति विश्व की प्राचीनतम संस्कृतियों में से एक है और इसने भारत देश के साथ-साथ दुनिया भर को जीवन जीने की राह दिखाई है। समता, समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और विश्वशांति के जिन सिद्धांतों की ओर आज दुनिया आगे बढ़ रही है, इसके सूत्र हमें भारतीय संस्कृति में दिखाई देते हैं।
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