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Indian Army: सेना के लिए फायर कंट्रोल रडार खरीदने की तैयारी; लड़ाकू विमान जैसे तमाम हवाई खतरों का पता लग सकेगा

Fri, 25 Jul 2025 05:28 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Fri, 25 Jul 2025 05:28 PM IST
सार

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह वायु रक्षा रेजिमेंटों के आधुनिकीकरण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। रडार भारतीय सेना की परिचालन तत्परता को बढ़ाएगा। इसके साथ यह राष्ट्र के आर्थिक विकास में भी योगदान देगा।

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Defence ministry inks Rs 2,000 crore contract to procure fire control radars for Army
रक्षा मंत्रालय - फोटो : ANI

विस्तार

रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को भारतीय सेना के लिए वायु रक्षा फायर कंट्रोल रडार खरीदने के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के साथ 2,000 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। रडार लड़ाकू विमान, हमलावर हेलीकॉप्टर और दुश्मन के ड्रोन सहित तमाम हवाई खतरों का पता लगाने में सक्षम होंगे। 2,000 करोड़ रुपये की यह खरीद 'भारतीय-स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित श्रेणी' के ढांचे के तहत की जाएगी।

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दुश्मन दुस्साहस करने से पहले हजार बार सोचेगा
मंत्रालय ने कहा, 'न्यूनतम 70 प्रतिशत स्वदेशी सामान के साथ फायर कंट्रोल रडार लड़ाकू विमान, हमलावर हेलीकॉप्टर और दुश्मन के ड्रोन सहित सभी प्रकार के हवाई खतरों का पता लगा सकेंगे।' इससे दुश्मन दुस्साहस करने से पहले हजार बार सोचेगा। 
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मील का पत्थर साबित होगा
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यह वायु रक्षा रेजिमेंटों के आधुनिकीकरण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। रडार भारतीय सेना की परिचालन तत्परता को बढ़ाएगा। इसके साथ यह राष्ट्र के आर्थिक विकास में भी योगदान देगा।
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डीआरडीओ ने पिछले तीन वर्षों में 138 परियोजनाएं सफलतापूर्वक पूरी कीं
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने पिछले तीन वर्षों में 138 परियोजनाएं सफलतापूर्वक पूरी की हैं। इनमें हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइल 'ध्रुवस्त्र', ड्रोन रोधी वायु रक्षा प्रणाली और उच्च गति वाले हवाई लक्ष्य 'अभ्यास' शामिल हैं। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में उन्होंने वर्षवार सारणीबद्ध आंकड़े और लागत भी साझा की।

वर्षवार सारणीबद्ध आंकड़े

  • 2023 में 1 जनवरी से दिसंबर तक 48 परियोजनाएं पूरी हुईं
  • 2024 में 1 जनवरी से दिसंबर तक 60 परियोजनाएं पूरी हुईं
  • 2025 में 1 जनवरी से अब तक 30 परियोजनाएं पूरी हुईं


29,558.66 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि पिछले तीन वर्षों के दौरान डीआरडीओ को 29,558.66 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। सेठ ने कहा कि पूरी की गई कुछ प्रमुख परियोजनाओं में नाग एमके-2, अस्त्र एमके-2, ध्रुवास्त्र - हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइल, एमबीटी अर्जुन एमके-II के लिए एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल, हवा से प्रक्षेपित सामरिक मिसाइलों के लिए सॉलिड फ्यूल डक्टेड रॉकेट रैमजेट तकनीक, एंटी-ड्रोन एयर-डिफेंस सिस्टम आदि शामिल हैं।



नई डीप-टेक और अत्याधुनिक नीतियों को मंजूरी दी
एक अलग प्रश्न में रक्षा मंत्रालय से पूछा गया कि क्या सरकार ने प्रौद्योगिकी विकास निधि (टीडीएफ) योजना के तहत नई डीप-टेक और अत्याधुनिक नीतियों को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि जी हां, महोदय। माननीय रक्षा मंत्री की ओर से टीडीएफ के तहत अलग-अलग वर्टिकल के रूप में डीप-टेक और अत्याधुनिक परियोजनाओं की पूर्ति के लिए 500 करोड़ रुपये के अतिरिक्त अनुदान या कोष को मंजूरी दी गई है।

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