एलएसी पर भारत की पैनी नजर, सेना हाई अलर्ट, लद्दाख पहुंचे रक्षामंत्री राजनाथ और सेना प्रमुख
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चीन के तमाम वादों के बावजूद भारत लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास पूरे इलाके पर पैनी नजर रख रहा है। साथ ही किसी भी हिमाकत का माकूल जवाब देने के लिए सेना को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है।
इसी कड़ी में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार सुबह और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और सेना प्रमुख एमएम नरवणे के साथ लद्दाख पहुंचे। तीनों ही लोग लेह हवाई अड्डे पर उतरे। इसके बाद वे सुरक्षा बलों की पैरा ड्रापिंग स्किल देखने के लिए लेह के स्टकना पहुंचे।
स्टकना में भारतीय जवान पैरा ड्रापिंग अभ्यास कर रहे हैं, ताकि किसी भी विषम परिस्थिति में तैयार रहा जाए।
Ladakh: Troops of Indian Armed Forces carry out para dropping exercise at Stakna, Leh in presence of Defence Minister Rajnath Singh, Chief of Defence Staff General Bipin Rawat and Army Chief General MM Naravane. https://t.co/6k8PjTgKKq pic.twitter.com/qC5q03AYQ4
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 17, 2020
सूत्रों ने बताया कि रक्षामंत्री सेनाध्यक्ष, उत्तरी कमान के लेफ्टिनेंट जनरल योगेश कुमार जोशी, 14 कोर के लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ सुरक्षा के हालात की विस्तृत समीक्षा करेंगे। इससे पहले बुधवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, विदेशमंत्री एस जयशंकर, सेनाध्यक्ष जनरल नरवणे और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने पूर्वी लद्दाख के हालात की समीक्षा की थी।
एलएसी को लेकर भारत अपने रुख पर कायम : विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद को लेकर भारत के रुख में कोई बदलाव नहीं है। हम नियंत्रण रेखा का पूरी तरह सम्मान करते हैं और एलएसी पर यथास्थिति में कोई बदलाव मंजूर नहीं होगा। दोनों पक्ष इस पर सहमत हैं कि पहले से बनी चौकियों पर सैनिकों की तैनाती की जाएगी। उन्होंने कहा कि पूर्वी लद्दाख में तनाव समाप्त करने के लिए सेनाओं को पीछे हटाने की प्रक्रिया जारी है। यह जटिल प्रक्रिया है और इस मामले में तथ्यहीन खबरों से बचना चाहिए।
दक्षिण चीन सागर में भारत मुक्त आवाजाही का पक्षधर
भारत ने कहा, दक्षिण चीन सागर पूरे विश्व का हिस्सा है और वह इस क्षेत्र में मुक्त आवाजाही का पक्षधर है। साथ ही कहा, भारत इस इलाके में शांति व स्थिरता चाहता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, भारत चाहता है कि इस अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग के इस्तेमाल की आजादी सभी को मिले। उन्होंने अमेरिका द्वारा दक्षिण चीन सागर के ज्यादातर हिस्से पर चीन के दावे को खारिज करने के सवाल पर यह बात कही। उन्होंने कहा, दक्षिण चीन सागर पर भारत पहले भी कई बार अपना रुख स्पष्ट कर चुका है।