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रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की पाकिस्तान को चेतावनी, उकसाया तो मिलेगा करारा जवाब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 05 Jun 2018 02:45 PM IST
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जम्मू-कश्मीर में सीमा पर अकारण फायरिंग कर रहे पाकिस्तान को रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने मंगलवार को कहा, सीमापार से उकसावे की हर कार्रवाई का करारा जवाब दिया जाएगा। सुरक्षा बलों को जवाबी कार्रवाई करने का पूरा अधिकार दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सीजफायर पर सहमति के बावजूद पाक की ओर से भारी गोलाबारी की जा रही है।
रक्षा मंत्री ने यह भी साफ कर दिया कि जम्मू-कश्मीर में रमजान का सम्मान करते हुए सैन्य अभियान पर लगी रोक जारी रहेगी। हालांकि सैन्य कार्रवाई आगे भी रोके जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘सिर्फ रमजान में इसे रोकने की घोषणा की गई है।’
वह नरेंद्र मोदी सरकार के चार साल पूरे होने के अवसर पर एक प्रेस कान्फ्रेंस में बोल रही थीं। उन्होंने कहा, अपनी सीमाओं को सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है। हमें चौकस रहना होगा। यह सुनिश्चित करना होगा कि सीमापार से उकसावे की हर कार्रवाई का जवाब दिया जाए। यह सुरक्षा बलों और रक्षा मंत्री का कर्तव्य है।
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रक्षा मंत्री ने कहा, कश्मीर में सैन्य कार्रवाई पर विराम का गृहमंत्रालय का फैसला सेना से बातचीत के बाद ही लिया गया था। पाकिस्तान के साथ बातचीत के सवाल पर निर्मला ने दो टूक कहा कि आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं हो सकती। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने यह बात पहले ही स्पष्ट कर दी है। रक्षा मंत्रालय का भी यही मत है।
कश्मीर में ‘सीजफायर’ की सफलता तय करना रक्षा मंत्रालय का काम नहीं
उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय का काम यह तय करना नहीं है कि कश्मीर में ‘सीजफायर’ सफल हो रहा है या नहीं। सेना का काम सीमा की रक्षा करना है और वह बखूबी यह काम कर रही है। सेना हर उस करार का पूरा सम्मान करती है जिससे शांति और सद्भावना बनी रहे। लेकिन दुश्मन की तरफ से अकारण कोई हरकत होती है तो उसे जवाब के लिए भी तैयार रहना होगा। इसमें कहीं कोई संशय नहीं है।
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रक्षा मंत्री ने यह भी साफ कर दिया कि जम्मू-कश्मीर में रमजान का सम्मान करते हुए सैन्य अभियान पर लगी रोक जारी रहेगी। हालांकि सैन्य कार्रवाई आगे भी रोके जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘सिर्फ रमजान में इसे रोकने की घोषणा की गई है।’
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वह नरेंद्र मोदी सरकार के चार साल पूरे होने के अवसर पर एक प्रेस कान्फ्रेंस में बोल रही थीं। उन्होंने कहा, अपनी सीमाओं को सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है। हमें चौकस रहना होगा। यह सुनिश्चित करना होगा कि सीमापार से उकसावे की हर कार्रवाई का जवाब दिया जाए। यह सुरक्षा बलों और रक्षा मंत्री का कर्तव्य है।
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रक्षा मंत्री ने कहा, कश्मीर में सैन्य कार्रवाई पर विराम का गृहमंत्रालय का फैसला सेना से बातचीत के बाद ही लिया गया था। पाकिस्तान के साथ बातचीत के सवाल पर निर्मला ने दो टूक कहा कि आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं हो सकती। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने यह बात पहले ही स्पष्ट कर दी है। रक्षा मंत्रालय का भी यही मत है।
कश्मीर में ‘सीजफायर’ की सफलता तय करना रक्षा मंत्रालय का काम नहीं
उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय का काम यह तय करना नहीं है कि कश्मीर में ‘सीजफायर’ सफल हो रहा है या नहीं। सेना का काम सीमा की रक्षा करना है और वह बखूबी यह काम कर रही है। सेना हर उस करार का पूरा सम्मान करती है जिससे शांति और सद्भावना बनी रहे। लेकिन दुश्मन की तरफ से अकारण कोई हरकत होती है तो उसे जवाब के लिए भी तैयार रहना होगा। इसमें कहीं कोई संशय नहीं है।