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Defamation Case: क्या आप माफी मांगना चाहते हैं? सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल से पूछा सवाल

Mon, 11 Mar 2024 05:33 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 11 Mar 2024 05:33 PM IST
सार

Defamation Case: उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से पूछा कि क्या वह आपराधिक मानाहनि के मामले में शिकायतकर्ता से माफी मांगना चाहते हैं। केजरीवाल ने दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी है। 

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Defamation case: SC asks Delhi CM Arvind Kejriwal whether he wants to give apology
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

उच्चतम न्यायालय ने आपराधिक मानहानि के मामले में सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से पूछा कि क्या वह इस मामले में शिकायतकर्ता से माफी मांगना चाहते हैं। मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने उनके खिलाफ समन जारी किया था। इसके बाद आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक ने इस समन के खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। 

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इससे पहले केजरीवाल ने 26 फरवरी को शीर्ष अदालत से कहा था कि उन्होंने भाजपा आईटी सेल पर यूट्यूबर ध्रुव राठी के वीडियो को रीट्वीट करके गलती की है। शिकायकर्ता विकास सांकृत्यायन के वकील न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति दीपांक दत्ता की पीठ के समक्ष पेश हुए। उन्होंने शीर्ष अदालत को बताया कि केजरीवाल एक्स या इंस्टाग्राम जैसे सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर माफी मांग सकते हैं। पीठ ने वकील से कहा, आप हमें बताएं कि आप क्या चाहते हैं। हम इसे दूसरी तरफ रख सकते हैं। हम आपके जूते या दूसरे पक्ष के जूते में अपने पैर रखने नहीं जा रहे हैं। 

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'आप माफी मांगना चाहते हैं तो...'
वहीं, केजरीवाल की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए। अदालत ने सिंघवी से कहा, अगर आप माफी मांगना चाहते हैं तो आप इसे अपने अधिकारों और तर्कों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना प्रसारित कर सकते हैं। अन्यथा हम कानूनी मुद्दे की जांच करेंगे कि केवल रीट्वीट करना अपराध है या नहीं। हम इसकी जांच करेंगे। 

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अदालत ने मई के लिए सूचीबद्ध किया मामला
इसके बाद जब शिकायतकर्ता के वकील ने निर्देश पाने के लिए समय मांगा तो पीठ ने कहा, उनके लिए क्षमा याचना दिखाइए। अगर वह इसके लिए (माफीनामा) सहमत होते हैं, तो ठीक है। पीठ ने इस मामले की सुनवाई 13 मई से शुरू होने वाले सप्ताह के लिए सूचीबद्ध किया।

अगले आदेश तक उच्च न्यायालय नहीं करेगा सुनवाई
पीठ ने कहा कि निचली अदालत को 11 मार्च तक मानहानि मामले में सुनवाई न करने को कहने वाला उसका पिछला आदेश सुनवाई की अगली तारीख तक जारी रहेगा। शीर्ष अदालत ने 26 फरवरी को केजरीवाल की याचिका पर नोटिस जारी किए बिना शिकायतकर्ता से पूछा था कि क्या वह इस मामले को बंद करना चाहते हैं। शिकायतकर्ता ने भी माना है कि यह एक गलती थी। 

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