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असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 64 हुई, 38.37 लाख लोग प्रभावित
Sun, 21 Jul 2019 09:44 PM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Sun, 21 Jul 2019 09:44 PM IST
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असम बाढ़
- फोटो : पीटीआई
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असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 64 हो गई है। राज्य के 33 जिलों में से अठारह अभी भी जलमग्न हैं, जिससे 38.37 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार, पांच ताजा मौतों में से दो मोरीगांव जिले से और एक धेमाजी, गोलपाड़ा और कामरूप जिलों से बताई गई हैं।
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हालांकि, पांच जिलों में बाढ़ का पानी घटा है जिससे लोग वापस लौट रहे हैं। एएसडीएमए बुलेटिन के मुताबिक बाढ़ का पानी 2,669 गांवों की समस्या बना हुआ है, 1.35 लाख हेक्टेयर भूमि की फसल बर्बाद हुई है। वहीं काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का एक हिस्सा बाढ़ के पानी से जलमग्न है। उद्यान में मरने वाले पशुओं की संख्या भी 141 पहुंच गई है।
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इस बीच, ब्रह्मपुत्र नदी भी जोरहाट जिले के नेमाटीघाट और धुबरी जिले में खतरे के स्तर से ऊपर बह रही है। जिला प्रशासन द्वारा स्थापित 829 राहत शिविरों और राहत वितरण केंद्रों में 1,15,389 से अधिक विस्थापित अभी भी हैं।
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रक्षा सूत्रों ने कहा कि इस बीच, सेना ने राज्य के असहाय लोगों को चिकित्सा और पशु चिकित्सा सहायता प्रदान की, इसके रेड हॉर्न्स डिवीजन की एक इकाई के साथ अन्य एजेंसियों ने नलबाड़ी जिले के एक गांव में पशु चिकित्सा और चिकित्सा शिविर का आयोजन किया।
जाट रेजिमेंट की 9वीं बटालियन ने बारपेटा में एक मुफ्त स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया, जहां 3,000 से अधिक लोगों और लगभग 800 पशुधन का इलाज किया गया। बाकी धेमाजी, बिश्वनाथ, दारंग, बारपेटा, नलबाड़ी, चिरांग, बोंगईगांव, कोकराझार, धुबरी, दक्षिण सलमारा, गोलपारा, कामरूप, कामरूप (मेट्रो), मोरीगांव, नागांव, कार्बी आंगलोंग, गोलाघाट और कछार बाढ़ से प्रभावित जिले हैं।