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राजस्थान: रेप में दोषी पाए जाने वालों को होगी फांसी की सजा, विधानसभा में बिल पास
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 09 Mar 2018 06:36 PM IST
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राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को 12 साल तक की उम्र की बच्चियों से दुष्कर्म के आरोपियों को फांसी की सजा देने के प्रावधान वाला बिल पारित हो गया। राजस्थान अब मध्य प्रदेश के बाद देश का दूसरा राज्य बन गया है, जहां ऐसा बिल पारित हुआ है।
गौरतलब है कि गृहमंत्री की ओर से दंड विधियां राजस्थान संशोधन विधेयक-2018 विधानसभा के पटल पर रखा था। बिल पर चर्चा के बाद विधानसभा में मुहर लगा दी गई।
अब बिल को पहले राज्यपाल और फिर राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। जानकारी के अनुसार बिल में आईपीसी में धारा 376ए जोड़ी जा रही है, जिसमें 12 साल तक की उम्र की बच्चियों से दुष्कर्म के आरोपियों को मौत की सजा का प्रावधान किया गया है।
गृह विभाग के अनुसार प्रदेश में बच्चियाें के दुष्कर्म के हर साल औसतन 1300 से ज्यादा मामले दर्ज हो रहे हैं। इनमें कम उम्र की बच्चियों की संख्या अधिक है।
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राजस्थान के गृहमंत्री जीसी कटारिया ने बताया कि 'हमने बिल में दो प्रावधान को जोड़ा है जिसमें 12 साल से कम उम्र की लड़कियों के साथ रेप करने पर मृत्युदंड और आजीवन कारावास और इसके साथ ही आरोपी को 14 साल जेल की सजा काटने के बाद भी रिहा नहीं किया जाना शामिल है।
गौरतलब है कि राजस्थान में 12 साल से कम उम्र की बच्चियों के साथ दुष्कर्म एवं सामूहिक दुष्कर्म के कई मामले सामने आ रहे हैं, इसी कड़ी में सरकार ने इस संबंध में कानून बनाने का फैसला किया।
इस विधेयक के पास होने के बाद माना जा रहा है कि बलात्कार की घटनाओं में कमी आएगी।
मालूम हो कि इससे पहले मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य था, जो इस तरह का सख्त कानून बना चुका है।
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गौरतलब है कि गृहमंत्री की ओर से दंड विधियां राजस्थान संशोधन विधेयक-2018 विधानसभा के पटल पर रखा था। बिल पर चर्चा के बाद विधानसभा में मुहर लगा दी गई।
अब बिल को पहले राज्यपाल और फिर राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। जानकारी के अनुसार बिल में आईपीसी में धारा 376ए जोड़ी जा रही है, जिसमें 12 साल तक की उम्र की बच्चियों से दुष्कर्म के आरोपियों को मौत की सजा का प्रावधान किया गया है।
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गृह विभाग के अनुसार प्रदेश में बच्चियाें के दुष्कर्म के हर साल औसतन 1300 से ज्यादा मामले दर्ज हो रहे हैं। इनमें कम उम्र की बच्चियों की संख्या अधिक है।
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Rajasthan passes bill for death penalty for the culprits in the rape cases involving girls below 12 years of age; second state after Madhya Pradesh to pass the bill. pic.twitter.com/ghzEvXh4N7
— ANI (@ANI) March 9, 2018
राजस्थान के गृहमंत्री जीसी कटारिया ने बताया कि 'हमने बिल में दो प्रावधान को जोड़ा है जिसमें 12 साल से कम उम्र की लड़कियों के साथ रेप करने पर मृत्युदंड और आजीवन कारावास और इसके साथ ही आरोपी को 14 साल जेल की सजा काटने के बाद भी रिहा नहीं किया जाना शामिल है।
गौरतलब है कि राजस्थान में 12 साल से कम उम्र की बच्चियों के साथ दुष्कर्म एवं सामूहिक दुष्कर्म के कई मामले सामने आ रहे हैं, इसी कड़ी में सरकार ने इस संबंध में कानून बनाने का फैसला किया।
इस विधेयक के पास होने के बाद माना जा रहा है कि बलात्कार की घटनाओं में कमी आएगी।
मालूम हो कि इससे पहले मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य था, जो इस तरह का सख्त कानून बना चुका है।