फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Death of labourers at BRO project sites: Govt to bear expenses for transportation of mortal remains

एलान: BRO परियोजनाओं में श्रमिकों की मौत हुई तो शवों के रख-रखाव और परिवहन का खर्च उठाएगी सरकार

Sun, 24 Sep 2023 03:30 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: काव्या मिश्रा Updated Sun, 24 Sep 2023 03:30 PM IST
सार

रक्षा मंत्रालय ने इससे पहले एक बयान में कहा कि राजनाथ सिंह ने जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स के कर्मचारियों को मिलने वाली उस सुविधा को वेतनभोगी मजदूरों को भी देने का फैसला किया है, जिसके तहत उनके शवों के संरक्षण और परिवहन की सुविधा भी दी जाती है। 

विज्ञापन
Death of labourers at BRO project sites: Govt to bear expenses for transportation of mortal remains
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : वीडियो ग्रैब

विस्तार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के जिन दिहाड़ी श्रमिकों की काम के दौरान मौत हो जाती है, उनके पार्थिव शरीर सरकारी खर्च पर उनके घर पहुंचाए जाएंगे। सिंह ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर हिंदी में एक पोस्ट कर घोषणा की।

विज्ञापन


रक्षा मंत्रालय ने इससे पहले एक बयान में कहा कि राजनाथ सिंह ने जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (जीआरईएफ) के कर्मचारियों को मिलने वाली उस सुविधा को वेतनभोगी मजदूरों (सीपीएल) को भी देने का फैसला किया है, जिसके तहत उनके शवों के संरक्षण और परिवहन की सुविधा भी दी जाती है। 

विज्ञापन

सुरक्षित घर पहुंचाया जाएगा
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही सरकार सभी श्रमिकों के कल्याण के प्रति संवेदनशील है। इसको ध्यान में रखते हुए रक्षा मंत्रालय में यह निर्णय लिया गया है कि बीआरओ के प्रोजेक्ट्स के निर्माण कार्य के दौरान अल्प अवधि के लिए काम करने वाले श्रमिकों की यदि किसी कारण से मृत्यु हो जाती है तो उनका पार्थिव शरीर उनके घर तक सुरक्षित पहुंचाया जायेगा ।

विज्ञापन
विज्ञापन

खर्च सरकार वहन करेगी
राजनाथ सिंह ने कहा कि पार्थिव शरीर को उनके घर पहुंचाने में होने वाले खर्च को सरकार वहन करेगी। उन्होंने कहा कि उनके अंतिम संस्कार पर खर्च की जाने वाली राशि भी बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि देश की सीमा पर और उससे सटे दूरदराज के इलाकों में सड़क बनाने के लिए कड़ी मेहनत करने वालों का महत्व किसी सैनिक से कम नहीं है। इसलिए यह फैसला लिया गया है।

यह भी सुविधा
मंत्रालय ने बयान में कहा कि सिंह ने सीपीएल के लिए अंतिम संस्कार खर्च को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये करने को भी मंजूरी दे दी है। इसमें कहा गया है कि बीआरओ परियोजनाओं के अंतर्गत काम करने के दौरान किसी सीपीएल की मृत्यु होने की स्थिति में सरकार द्वारा उसके अंतिम संस्कार का खर्च वहन किया जाएगा। हालांकि, इसके लिए शर्त है कि व्यक्ति का अंतिम संस्कार कार्यस्थल पर ही किया जा रहा हो।

शवों के संरक्षण और परिवहन की सुविधा
बीआरओ ने कहा कि सीपीएल को बीआरओ सड़कों के निर्माण के लिए नियुक्त करता है। वे प्रतिकूल जलवायु और कठिन कामकाजी परिस्थितियों में बीआरओ कर्मियों के साथ मिलकर काम करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप कभी-कभी इनकी जान पर बात बन आती है। इसके अलावा, जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स के कर्मचारियों को मिलने वाली उस सुविधा को वेतनभोगी मजदूरों को भी देने का फैसला किया है, जिसके तहत उनके शवों के संरक्षण और परिवहन की सुविधा भी दी जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed