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एक ही पिस्तौल से हुई गौरी लंकेश व कलबुर्गी की हत्या, ऐसे हुआ खुलासा
एजेंसी, बंगलूरू
Updated Sat, 09 Jun 2018 05:07 AM IST
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gauri lankesh
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कर्नाटक में पत्रकार गौरी लंकेश और तर्कशास्त्री एमएम कलबुर्गी की हत्या में एक ही बंदूक का इस्तेमाल किया गया था। एसआईटी सूत्रों ने राज्य की फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट में इसकी पुष्टि होने का दावा किया है। एसआईटी को यह रिपोर्ट सौंप दी गई है।
हाल ही में एसआईटी ने इस मामले में चार्जशीट फाइल की है। इसमें केटी नवीन कुमार को आरोपी बनाया गया है। दो साल के अंतराल पर हुई इन हत्याओं के एक दूसरे से जुड़े होने की पहली बार आधिकारिक पुष्टि हुई है। कलबुर्गी (77) को धारवाड़ में उनके घर के बाहर 30 अगस्त, 2015 को गोली मार दी गई थी। वहीं 55 साल की लंकेश की 5 सिंतबर, 2017 को घर में हत्या कर दी गई थी।
एसआईटी ने पहले भी एक ही हथियार के इस्तेमाल होने की बात कही थी। लेकिन पहली बार साफ तौर पर दोनों की हत्या में एक ही गैंग का हाथ होने की ओर इशारा किया जा रहा है। सूत्रों ने फोरेंसिक रिपोर्ट के हवाले से कहा, दोनों गोलियां देश में बनी 7.65 एमएम की पिस्तौल से चलाई गईं।
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हाल ही में एसआईटी ने इस मामले में चार्जशीट फाइल की है। इसमें केटी नवीन कुमार को आरोपी बनाया गया है। दो साल के अंतराल पर हुई इन हत्याओं के एक दूसरे से जुड़े होने की पहली बार आधिकारिक पुष्टि हुई है। कलबुर्गी (77) को धारवाड़ में उनके घर के बाहर 30 अगस्त, 2015 को गोली मार दी गई थी। वहीं 55 साल की लंकेश की 5 सिंतबर, 2017 को घर में हत्या कर दी गई थी।
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एसआईटी ने पहले भी एक ही हथियार के इस्तेमाल होने की बात कही थी। लेकिन पहली बार साफ तौर पर दोनों की हत्या में एक ही गैंग का हाथ होने की ओर इशारा किया जा रहा है। सूत्रों ने फोरेंसिक रिपोर्ट के हवाले से कहा, दोनों गोलियां देश में बनी 7.65 एमएम की पिस्तौल से चलाई गईं।
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