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महाराष्ट्र: कोरोना से मरे 22 लोगों के शव को अस्पताल प्रशासन ने एक ही एंबुलेंस में ठूसा, भेजा श्मशान, हंगामा
Tue, 27 Apr 2021 05:18 PM IST
प्रियंका तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीड़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीड़
Published by: प्रियंका तिवारी
Updated Tue, 27 Apr 2021 05:18 PM IST
सार
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉक्टर शिवाजी शुक्रे ने मंगलवार को कहा, 'अस्पताल प्रशासन के पास पर्याप्त एंबुलेंस नहीं हैं, जिसके कारण ऐसा हुआ।' उन्होंने कहा कि उनके पास पिछले साल कोविड-19 के पहले दौर में पांच एंबुलेंस थीं। उनमें से तीन को बाद में वापस ले लिया गया और अब अस्पताल में दो एंबुलेंस में कोविड-19 रोगियों को लाया और ले जाया जा रहा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : ANI
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विस्तार
महाराष्ट्र के बीड़ में कोविड-19 से जान गंवाने वाले 22 लोगों के शवों को एक ही एंबुलेंस में भरकर श्मशान ले जाने का मामला सामने आया है, जिस कारण हंगामा मच गया। जिला प्रशासन ने एंबुलेंस की कमी को इसका एक कारण बताया है। घटना रविवार रात को हुई जब बीड़ के अंबाजोगाई में स्थित स्वामी रामानंद तीर्थ ग्रामीण राजकीय चिकित्सा कॉलेज के शवगृह में रखे शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा था।
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मेडिकल कॉलेज के डीन डॉक्टर शिवाजी शुक्रे ने मंगलवार को कहा, 'अस्पताल प्रशासन के पास पर्याप्त एंबुलेंस नहीं हैं, जिसके कारण ऐसा हुआ।' उन्होंने कहा कि उनके पास पिछले साल कोविड-19 के पहले दौर में पांच एंबुलेंस थीं। उनमें से तीन को बाद में वापस ले लिया गया और अब अस्पताल में दो एंबुलेंस में कोविड-19 रोगियों को लाया और ले जाया जा रहा है।
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जिला प्रशासन को लिखा पत्र
अधिकारी ने कहा, 'कभी-कभी, मृतकों के संबंधियों को ढूंढने में समय लग जाता है। लोखंडी सावरगांव के कोविड-19 केंद्र से भी शवों को हमारे अस्पताल में भेजा रहा है क्योंकि उनके पास कोल्ड स्टोरेज नहीं है।' अधिकारी ने कहा कि उन्होंने तीन और एंबुलेंस मुहैया कराने के लिए 17 मार्च को जिला प्रशासन को पत्र लिखा था। उन्होंने कहा, 'अव्यवस्था से बचने के लिए हमने अंबाजोगाई नगर परिषद को पत्र लिखा था कि सुबह आठ से बजे से रात 10 बजे तक अंतिम संस्कार कराए जाएं और अस्पताल वार्ड से ही शवों को श्मशान भेजा जाए।'
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भाजपा नगर पार्षद का आरोप
इस बीच भाजपा नगर पार्षद सुरेश ढास ने आरोप लगाया कि अस्पताल और स्थानीय नगर निकाय एक दूसरे पर आरोप लगाने में व्यस्त हैं। अंबाजोगाई नगर परिषद के मुख्य अधिकारी अशोक साबले ने कहा कि शवों को मांडवा रोड पर स्थित श्मशान (कोविड-19 रोगियों के अंतिम संस्कार के लिए तय श्मशान) ले जाना मेडिकल कॉलेज की जिम्मेदारी है।
साबले ने कहा, 'हमारी टीमें श्मशान में अंतिम संस्कार कर रही हैं। सोमवार को इस मुद्दे पर एक बैठक हुई थी, जिसमें मेडिकल कॉलेज के डीन ने कहा कि उनके पास पर्याप्त संख्या में एंबुलेंस नहीं है। अगर यही समस्या है तो क्या उन्होंने अपने तंत्र की समीक्षा नहीं की? उन्होंने इस पर काम क्यों नहीं किया?'
नगर परिषद के अध्यक्ष राज किशोर उर्फ पापा मोदी ने भी घटना को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि उसी दिन एक और एंबुलेंस में आठ शवों को श्मशान ले जाया गया। उन्होंने कहा, 'हम मेडिकल कॉलेज को एक एंबुलेंस मुहैया करा रहे हैं। दो अन्य एंबुलेंस जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जाएंगी।'