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एक और वैक्सीन जल्द: मॉडर्ना के टीके को डीसीजीआई से मिल सकती है मंजूरी, सिप्ला कर सकती है आयात

Tue, 29 Jun 2021 03:32 PM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Tanuja Yadav Updated Tue, 29 Jun 2021 03:32 PM IST
सार

डीसीजीआई जल्द ही देश में मॉडर्ना की वैक्सीन को आयात करने की मंजूरी दे सकता है। मॉडर्ना ने अपने टीके के लिए नियामकीय मंजूरी मांगी है।

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DCGI may consider Cipla to import Modernas covid 19 vaccine shortly says government source
कोरोना वायरस वैक्सीन (सांकेतिक) - फोटो : पिक्साबे

विस्तार

देश में कोरोना को हराने की जंग के खिलाफ वैक्सीनेशन को तेज करने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में अब जल्द ही देश में मॉडर्ना की वैक्सीन का भी आयात हो सकता है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) जल्द ही सिप्ला  को मॉडर्ना की वैक्सीन आयात करने की मंजूरी दे सकती है। 

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अमेरिकी वैक्सीन कंपनी ‘मॉर्डना’ ने भारत में अपने कोविड-19 रोधी टीके के लिए नियामकीय मंजूरी मांगी है और सिप्ला ने टीके के आयात, विपणन संबंधी प्राधिकार के लिए आवेदन किया। बताया जा रहा है कि भारत का औषधि महानियंत्रक 18 वर्ष और अधिक आयु के लोगों के लिए ‘मॉर्डना’ के कोविड-19 रोधी टीके के आपात इस्तेमाल को मंजूरी दे सकता है।
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बता दें कि दुनिया के कई अमीर देशों में इस वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। आंकड़ों की माने तो अमेरिका में अबतक 12 करोड़ लोगों को फाइजर या मॉडर्ना की वैक्सीन दी जा चुकी है और इस वैक्सीन के साइड इफेक्ट को लेकर कोई चिंता वाली खबर अभी तक सामने नहीं आई है। 


इससे पहले दिल्ली सरकार ने भी केंद्र सरकार से फाइजर, मॉडर्ना और जॉनसन एंड जॉनसन जैसे अंतरराष्ट्रीय वैक्सीन उम्मीदवारों को इजाजत देने की अपील की थी। बता दें कि मॉडर्ना की वैक्सीन मैसेंजर आरएनए पर निर्भर करती है, जो कोशिकाओं को कोरोना वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी तैयार करने के लिए प्रोग्राम करते हैं। 

इस वैक्सीन को लेकर किए गए क्लिनिकल परीक्षण के परिणाम बताते हैं कि ये वैक्सीन कोरोना संक्रमण के लक्षणों वाले मामलों के खिलाफ 90 फीसदी से ज्यादा कारगर है। इसके अलावा नेशनल टास्क फोर्स के प्रमुख वीके पॉल भी कह चुके हैं कि सरकार लगातार विदेशी वैक्सीन निर्माताओं के संपर्क में है। 

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