फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   DCGI Eyedrop permission suspension presbyopia claims manufacturing and sell not allowed

DCGI: एनटोड फार्मा के आई ड्रॉप पर रोक, फैसले को कोर्ट में चुनौती देगी कंपनी; प्रेसबायोपिया पर किया था दावा

Wed, 11 Sep 2024 07:48 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति भास्कर Updated Wed, 11 Sep 2024 07:48 PM IST
सार

भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने आंखों के ड्रॉप को दी गई अनुमति निलंबित कर दी है।डीसीजीआई ने प्रेसबायोपिया से जुड़े दावे करने वाली एनटोड फार्मा के आई ड्रॉप पर रोक लगाने का फैसला लिया है। कंपनी ने कहा है कि वह फैसले के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

विज्ञापन
DCGI Eyedrop permission suspension presbyopia claims manufacturing and sell not allowed
एनटोड की आंखों की दवा पर रोक लगाने का फैसला (प्रतीकात्मक) - फोटो : एएनआई

विस्तार

आंखों की समस्या- प्रेसबायोपिया से जुड़े दावे करने वाली एक दवा पर भारत के औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने रोक लगा दी है। मुंबई के एनटोड फार्मास्यूटिकल्स के नए आई ड्रॉप के उत्पादन और बिक्री पर रोक लगाई गई है। डीसीजीआई ने प्रेसबायोपिया से जुड़े दावे को गंभीरता से लिया है।  कंपनी ने इस फैसले को अदालत में चुनौती देने का फैसला लिया है। एनटोड फार्मास्युटिकल्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी निखिल के मसुरकर ने कहा, कंपनी दवा को दी गई अनुमति को निलंबित करने और कानून को अदालत में चुनौती देगी।

विज्ञापन


क्या है बीमारी और चश्मे से देखने से जुड़ा कंपनी का दावा
दरअसल, कंपनी का दावा था कि उसकी दवा का इस्तेमाल करने पर प्रेसबायोपिया पीड़ित मरीजों को लाभ मिलता है और पढ़ने के लिए चश्मे पर निर्भरता घटाने में भी मदद मिल सकती है। ‘नेशनल आई इंस्टीट्यूट’ के अनुसार, प्रेसबायोपिया होने की स्थिति में अधेड़ और अन्य वयस्क लोगों के लिए नजदीक की चीजों को देखना कठिन हो जाता है। कंपनी के मुताबिक जिन लोगों ने क्लीनिकल ट्रायल में भाग लिया वे बिना चश्मे के पढ़ने में सफल रहे। डीसीजीआई के मुताबिक वयस्कों में प्रेसबायोपिया के उपचार के लिए पिलोकार्पाइन हाइड्रोक्लोराइड ऑफ्थैल्मिक सॉल्यूशन मिलाकर बनी दवा को अनुमति दी गई थी।
विज्ञापन


20 अगस्त को अनुमति, 10 सितंबर को आदेश निलंबित
देश की दवा नियामक डीसीजीआई के मुताबिक कंपनी ने दवा उत्पादन से जुड़े दावे किए हैं, लेकिन उसने केंद्रीय लाइसेंसिंग प्राधिकरण से अनुमति नहीं ली। इससे नए औषधि और क्लीनिकल ट्रायल नियम, 2019 के प्रावधानों का उल्लंघन हुआ। 10 सितंबर को जारी डीसीजीआई के आदेश के मुताबिक वयस्कों में प्रेसबायोपिया के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली दवा के उत्पादन और बिक्री के लिए 20 अगस्त को अनुमति दी गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed