SC: 'सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी पर भी लागू होगा प्रतिस्पर्धा अधिनियम', कल रिटायर होने वाले जस्टिस का फैसला
न्यायमूर्ति जोसेफ ने न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना के साथ गुरुवार को दो फैसले सुनाए, जिनमें से एक कोल इंडिया लिमिटेड से जुड़ा है, जिसमें पीठ ने फैसला सुनाया कि प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी पर भी लागू होता है।
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उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति केएम जोसेफ ने अपनी सेवानिवृत्ति से एक दिन पहले गुरुवार को दो फैसले सुनाए। न्यायमूर्ति जोसेफ जो शुक्रवार को रिटायर होने वाले हैं, को 19 मई को सुप्रीम कोर्ट और वकीलों के निकायों की ओर से गर्मजोशी से विदाई दी गई थी। उस दिन गर्मियों की छुट्टियों के लिए शीर्ष अदालत के बंद होने से पहले अंतिम कार्य दिवस था। न्यायमूर्ति जोसेफ ने न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना के साथ गुरुवार को दो फैसले सुनाए, जिनमें से एक कोल इंडिया लिमिटेड से जुड़ा है, जिसमें पीठ ने फैसला सुनाया कि प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी पर भी लागू होता है।
इस महीने तीन न्यायमूर्ति हो रहे हैं रिटायर
न्यायमूर्ति नागरत्ना ने फैसला सुनाए जाने के बाद कहा, ''न्यायमूर्ति जोसेफ के साथ पीठ साझा करना सम्मान की बात है। मैं उनके खुशहाल और सक्रिय सेवानिवृत्त जीवन की कामना करती हूं।" न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यम, जो 29 जून को सेवानिवृत्त होने वाले हैं ने भी न्यायमूर्ति पंकज मिथल के साथ मिलकर तीन फैसले सुनाए। न्यायमूर्ति रामसुब्रमण्यम को भी 19 मई को उच्चतम न्यायालय और बार निकायों ने विदाई दी थी। प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों न्यायमूर्ति जोसेफ, न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और न्यायमूर्ति वी रामसुब्रमण्यम को शुभकामनाएं देते हुए राष्ट्र की सेवा में उनके योगदान को याद किया। न्यायमूर्ति रस्तोगी 17 जून को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।