{"_id":"600b5f451105907fec4ef273","slug":"data-on-violence-against-differently-abled-women-and-girls-should-be-kept-separately","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिव्यांग महिला व लड़कियों के खिलाफ हिंसा के डाटा अलग-अलग रखे जाएं : कार्यकर्ता","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
दिव्यांग महिला व लड़कियों के खिलाफ हिंसा के डाटा अलग-अलग रखे जाएं : कार्यकर्ता
Sat, 23 Jan 2021 04:57 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 23 Jan 2021 04:57 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिव्यांगता अधिकार कार्यकर्ताओं और 90 से ज्यादा संगठनों ने दिव्यांग लड़कियों और महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामले का अलग-अलग डाटा सुरक्षित रखने के लिए गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है।
विज्ञापन
नेशनल एसोसिएशन फॉर ब्लाइंड और अखिल भारतीय बधिर संघ सहित अन्य संगठन चाहते हैं कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) इन आंकड़ों को संरक्षित रखे। उनका कहना है कि दिव्यांग लड़कियों और महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा की बड़ी संख्या में शिकायत के बावजूद एनसीआरबी ऐसे मामलों के अलग-अलग डाटा नहीं रखता।
विज्ञापन
इन संगठनों और कार्यकर्ताओं ने गृहमंत्री को लिखा, हम आपसे अनुरोध करना चाहते हैं कि आप इस संबंध में एनसीआरबी को जरूरी आदेश पारित करें।
उन्होंने कहा कि एनसीआरबी ने एक आरटीआई के जवाब में दिसंबर 2020 में कहा था कि पुलिस राज्य का विषय है। इस तर्क से एनसीआरबी को अधिकांश अपराधों के बारे में आंकड़े नहीं मिल पा रहे, क्योंकि कानून एवं व्यवस्था राज्य का विषय है।
विज्ञापन