पीएम पर बरसीं मायावती, बोलीं- मोदी राज में दलित-मुस्लिम असुरक्षित
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मोदी राज में दलित और मुस्लिम दहशत में हैं और जानमाल को लेकर चिंतित हैं। गोरक्षा, लव जेहाद, देशभक्ति, धर्म परिवर्तन की आड़ में उनका शोषण हो रहा है। मुस्लिम एवं अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। रोहित बेमुला कांड और गुजरात में दलितों के साथ हुई घटना साबित करती है कि दलित सुरक्षित नहीं हैं।
रविवार को परेड मैदान पर बसपा की रैली में मायावती ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। कहा, यह सब देशहित में ठीक नहीं है। पार्टी इसकी निंदा करती है। आरक्षण के मसले पर भाजपा एवं कांग्रेस को दलित, ओबीसी विरोधी बताया और सपा के बारे में कहा कि यूपी में सिर्फ एक जाति को फायदा पहुंचा गया।
कई दूसरे मुद्दों पर भी मायावती ने विरोधियों पर तीखे हमले किए। भीषण उमस में राजनीतिक पारा सिर चढ़कर बोलता रहा। रैली स्थल पर तिल रखने की जगह भी नहीं थी। लाखों की भीड़ दोपहर ढाई बजे तक वहां डटी रही। उमस में बेहाल 50 से अधिक महिलाएं, कार्यकर्ता और मीडिया कर्मी गश खाकर गिर पड़े।
'अखिलेश परिवार और नाते-रिश्तेदारी निभाने में ही व्यस्त हैं'
तकरीबन सवा घंटे के भाषण में मायावती के निशाने पर भाजपा, कांग्रेस और सपा रही। यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के लिए कहा कि वह परिवार के विवाद में फंसे और नाते-रिश्तेदारी निभाने में ही व्यस्त हैं। ऐसे में प्रदेश क्या संभालेंगे। यूपी में जंगलराज है। महिलाएं असुरक्षित हैं। शायद ही कोई दिन बीतता हो, जब किसी महिला की अस्मत न लुटती हो। प्रदेश में लूट, डकैती, अवैध कब्जे, दंगे, सांप्रदायिक तनाव बढ़े हैं। बसपा सत्ता में आई तो गुंडे-बदमाश जेल जाएंगे और सरकारी जमीनों से अवैध कब्जे हटाए जाएंगे।
शीला दीक्षित पर भी तंज कसते हुए बोलीं, यह वही बुजुर्ग ब्राह्मण महिला हैं, जिन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए दिल्ली की बदहाली के लिए यूपी से वहां काम की तलाश में गए गरीबों, मजदूरों को जिम्मेदार ठहराया था और अब उन्हीं से वोट मांगने आई हैं।
भाजपा के लिए कहा, केंद्र में पूंजीपतियों, धन्नासेठों की सरकार है जो आरएसएस के एजेंडे पर काम कर रही हैं। उसी के इशारे पर ही आरक्षण बेमानी साबित हो रहा है। उन्होंने दो साल पहले लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से किए गए वादों को भी गिनाया। कहा, इनमें से एक वादा भी पूरा नहीं हुआ। काला धन लाना तो दूर, फूटी कौड़ी भी नहीं मिली। जो सरकार दिल्ली में कानून व्यवस्था नहीं संभाल सकती, वह यूपी में क्या करेगी। भाजपा और सपा में मिलीभगत होने का दावा करते हुए मायावती ने कहा कि यूपी से जुड़े तमाम मामलों में केंद्र सरकार का चुप रहना ही इसका सबसे बड़ा सुबूत है।
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कश्मीर मुद्दे पर सरकार के रुख से नाराज
बसपा सुप्रीमो ने कश्मीर मुद्दे पर केंद्र सरकार और पीडीपी सरकार के रुख पर नाराजगी जताई। कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है लेकिन केंद्र एवं राज्य सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया। इसी वजह से बातचीत के लिए रविवार को जो प्रतिनिधिमंडल कश्मीर रवाना हुआ है, उसमें बसपा कोई सदस्य शामिल नहीं हुआ। इसके बावजूद कश्मीर के मसले पर हर तरह से सहयोग को तैयार हैं।