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दलित का आरोप, 15 पुलिस अफसरों ने चटवाए जूते
एजेंसी, अहमदाबाद
Updated Thu, 04 Jan 2018 06:46 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
गुजरात में एक दलित ने पुलिस पर प्रताड़ना का सनसनीखेज आरोप लगाया है। उसने बताया कि एक थाने में अपनी जाति के बारे में बताने पर पुलिस के 15 अधिकारियों ने उससे अपने जूते चटवाए। हर्षद जादव द्वारा दायर एफआईआर के मुताबिक, उसने 28 दिसंबर की रात को उसके मोहल्ले में हंगामे के बारे में वहां तैनात एक कांस्टेबल से पूछताछ की थी उसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया।
अमराईवाड़ी पुलिस थाने के एक अधिकारी के मुताबिक कांस्टेबल विनोदभाई बाबूभाई ने जादव को बिना उकसावे के बैटन से मारा और उसकी उंगली को जख्मी कर दिया। कांस्टेबल ने उसके परिवार को गालियां भी दीं। अधिकारी ने बताया कि जादव द्वारा एफआईआर दर्ज कराने की सूचना मिलने पर उसे जन सेवक पर ड्यूटी के दौरान हमले करने के आरोप में उसी रात थाने लाकर बंद कर दिया गया।
पढ़ें- रातों रात हटाई बाबा अंबेडकर की मूर्ति, हजारों दलित आ जुटे
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एफआईआर के हवाले से बताया गया कि कुछ अधिकारियों ने जादव से उसकी जाति पूछी। जब उसने बताया कि वह दलित है तब उससे कहा गया कि वह बाबूभाई के पैर पकड़ कर माफी मांगे। टीवी ठीक करने वाले जादव ने वही किया, जो उससे कहा गया। उसके बाद कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने जादव से करीब 15 अधिकारियों के जूते चाटने को कहा गया। जादव को 29 दिसंबर को जमानत मिल गई थी।
कांस्टेबल पर अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निरोधक कानून के तहत केस दर्ज कर मामला अपराध शाखा को सौंप दिया गया है, हालांकि अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। कुछ लोगों के थानों के घेराव करने के बाद जादव ने एफआईआर दर्ज करवाई। जादव के आरोप पर जब डीसीपी गिरीश पड्या से पूछा गया, तो उन्होंने देरी से शिकायत को लेकर जादव पर ही सवाल खड़े कर दिए।
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अमराईवाड़ी पुलिस थाने के एक अधिकारी के मुताबिक कांस्टेबल विनोदभाई बाबूभाई ने जादव को बिना उकसावे के बैटन से मारा और उसकी उंगली को जख्मी कर दिया। कांस्टेबल ने उसके परिवार को गालियां भी दीं। अधिकारी ने बताया कि जादव द्वारा एफआईआर दर्ज कराने की सूचना मिलने पर उसे जन सेवक पर ड्यूटी के दौरान हमले करने के आरोप में उसी रात थाने लाकर बंद कर दिया गया।
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एफआईआर के हवाले से बताया गया कि कुछ अधिकारियों ने जादव से उसकी जाति पूछी। जब उसने बताया कि वह दलित है तब उससे कहा गया कि वह बाबूभाई के पैर पकड़ कर माफी मांगे। टीवी ठीक करने वाले जादव ने वही किया, जो उससे कहा गया। उसके बाद कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने जादव से करीब 15 अधिकारियों के जूते चाटने को कहा गया। जादव को 29 दिसंबर को जमानत मिल गई थी।
कांस्टेबल पर अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निरोधक कानून के तहत केस दर्ज कर मामला अपराध शाखा को सौंप दिया गया है, हालांकि अभी तक उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। कुछ लोगों के थानों के घेराव करने के बाद जादव ने एफआईआर दर्ज करवाई। जादव के आरोप पर जब डीसीपी गिरीश पड्या से पूछा गया, तो उन्होंने देरी से शिकायत को लेकर जादव पर ही सवाल खड़े कर दिए।