धरती को बचाने के लिए रोजाना 150 किमी. का सफर साइकिल से करते हैं तय
- साइकिल से भ्रमण कर लोगों को जागरुक कर रहे कानपुर के अनुज।
- पर्यावरण की रक्षा करने और पौधे लगाने के लिए कर रहे हैं प्रेरित।
- कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक कर चुके हैं अनुज।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
धरती के बढ़ते तापमान से पूरी दुनिया चिंतित है। अगर अब भी पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस उपाय नहीं किए गए तो एक दिन पूरी दुनिया खत्म हो जाएगी। यही संदेश लेकर कानपुर से देशव्यापी भ्रमण पर निकले हैं अनुज कलैंसी मंगलवार को देर शाम बनारस पहुंचे।
कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक अनुज साइकलिंग कर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक कर रहे हैं। साइकल से रोज करीब 150 किमी का सफर तय करने वाले अनुज अब तक पांच राज्यों का भ्रमण कर चुके हैं।
अपने अभियान के दौरान बुधवार की दोपहर अमर उजाला दफ्तर पहुंचे अनुज ने कहा, ‘पर्यावरण की रक्षा के लिए यह मेरा पहला अभियान नहीं है। इससे पहले कानपुर में एक शीशम का पेड़ काटे जाने पर मैंने सिर मुंडाकर विरोध जताया था। इसके बाद नगर निगम को मुझसे माफी मांगनी पड़ी थी।’
ग्लोबल वार्मिंग सबसे बड़ा संकट
उन्होंने कहा, ग्लोबल वार्मिंग पूरी दुनिया के सामने सबसे बड़ा संकट है। यूं ही पेड़ कटते रहे तो प्रकृति विकराल रूप धारण कर लेगी। सब कुछ पल भर में नष्ट हो जाएगा। मैं अपने सफर में जिन लोगों से मिलता हूं, उन्हें एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित करता हूं।
अनुज ने बताया कि 22 जनवरी 2016 को उन्होंने कानपुर से अपना अभियान शुरू किया था। वह दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड होते हुए उत्तर प्रदेश लौटे हैं। अभियान के दौरान करीब 200 रुपये रोजाना खाने और नाश्ते पर खर्च होते हैं।
रात उनकी ढाबा, धर्मशाला या गुरुद्वारे में गुजरती है। अनुज ने बताया कि गुरुवार की शाम वह इलाहाबाद के लिए रवाना होंगे। वहां से प्रतापगढ़ होते हुए लखनऊ जाएंगे। बताया कि अब तक दस हजार किमी का सफर तय कर चुके हैं।