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महाराष्ट्र : कोरोना वायरस संकट के चलते इस बार फीका रहा 'दही हांडी' उत्सव

Wed, 12 Aug 2020 10:11 PM IST
गौरव पाण्डेय पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई Published by: गौरव पाण्डेय Updated Wed, 12 Aug 2020 10:11 PM IST
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Dahi handi festival in Maharashtra celebrated simply this year due to Coronavirus Pandemic
मास्क पहनकर दही हांडी फोड़ता कृष्ण के वेश में सजा बच्चा - फोटो : पीटीआई

कोविड-19 महामारी का असर मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में दही-हांडी उत्सव पर भी देखने को मिला और इसकी वजह से त्यौहार फीका रहा। यहां के मंडलों ने पिछले वर्षों के मुकाबले इस साल सादे तरीके से ही त्योहार मनाने का निर्णय लिया था। सामाजिक दूरी के दिशा-निर्देशों को देखते हुए दही-हांडी मंडल मानव पिरामिड बनाकर दही हांडी नहीं फोड़ रहे हैं। यह उत्सव भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के मौके पर मनाया जाता है।

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मानव पिरामिड बनाने के बदले मंडल इस अवसर पर स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण अभियान चला रहे हैं। इसके तहत वे रक्तदान शिविर लगा रहे हैं और स्थानों से प्लास्टिक हटाने के कार्य में जुटे हैं। अनेक वर्षों से महाराष्ट्र में यह उत्सव काफी धूमधाम से मनाया जाता रहा है , खासतौर पर मुंबई और पड़ोसी क्षेत्र ठाणे में काफी जश्न का माहौल रहता था। दही-हांडी आयोजनों में धार्मिक संस्थाएं, नेता और रंगे-बिरंगे कपड़े पहने गोविंदा के रूप में युवाओं की टोली हिस्सा लेती थी।
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कई सामाजिक समूह भी दही-हांडी कार्यक्रम आयोजित कराते थे । सफलतापूर्वक मटकी फोड़ने वाले समूह को नकद राशि भी दी जाती थी। इस हांडी में दही और मक्खन रखा जाता है और यह रस्सी की मदद से काफी ऊंचाई पर बंधी होती है। लेकिन इस साल सिर्फ सांकेतिक तौर पर ही दही-हांडी मटकी फोड़ी जा रही है। सामाजिक दूरी बनाते हुए मास्क पहनकर सांकेतिक तौर पर कार्यक्रम को पूरा किया जा रहा है।
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मुंबई के घाटकोपर क्षेत्र से भाजपा विधायक राम कदम ने कहा कि सामान्य स्थिति में उनके मंडल के दही-हांडी उत्सव में पांच-छह लाख लोग आते हैं। कदम ने कहा , ‘आम समय में दही-हांडी उत्सव का हमारा आयोजन भारत में सबसे बड़े स्तर पर होता है। लेकिन इस साल कोविड-19 संकट के मद्देनजर इसे हमने सादे तरीके से सामाजिक दूरी बनाते हुए मनाया।'


उन्होंने कहा, 'इस बार उत्सन में हमने मानव पिरामिड भी नहीं बनाया गया। बस सांकेतिक तरह से त्योहार मनाने के लिए एक बच्चे ने टेबल पर चढ़कर ऊपर टंगी हांडी को फोड़ा।’ कदम ने कहा, ‘इस साल हमने चीनी उत्पादों का बहिष्कार करने और आत्मनिर्भर भारत बनाने का संदेश दिया है।’

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