फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   cyber security firm Quick Heal antivirus lineup Sneha Katkar says cyber attacks using AI increasing in India

AI: देश में एआई वाले साइबर हमले बढ़े, रहना होगा सतर्क; बेहद होशियार लोग भी हो रहे शिकार

Mon, 07 Oct 2024 04:08 AM IST
दीपक कुमार शर्मा एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Mon, 07 Oct 2024 04:08 AM IST
सार

साइबर सुरक्षा फर्म क्विक हील के एंटीवायरस लाइनअप की रणनीति और उत्पाद संरक्षक प्रमुख स्नेहा काटकर कहती हैं कि आज साइबर अपराधी मैन्युअली काम नहीं कर रहे हैं। वे हमलों के लिए स्वचालित एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसकी वजह से बेहद होशियार लोग भी इसके शिकार बन जाते हैं।
 

विज्ञापन
cyber security firm Quick Heal antivirus lineup Sneha Katkar says cyber attacks using AI increasing in India
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(एआई) - फोटो : Freepik

विस्तार

तकनीक पर तेजी से निर्भर होती जा रही दुनिया को उसके फायदे ही नहीं, बल्कि स्याह पक्ष से भी वास्ता रखना होगा, क्योंकि साइबर अपराधी परिष्कृत हमलों को अंजाम देने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का बेजा इस्तेमाल कर रहे। यह लोगों के लिए ही नहीं, संगठनों के लिए भी खतरे की घंटी है। साइबर सुरक्षा फर्म क्विक हील के एंटीवायरस लाइनअप की रणनीति और उत्पाद संरक्षक प्रमुख स्नेहा काटकर ने यह बात कही।

विज्ञापन


काटकर कहती हैं कि आज साइबर अपराधी मैन्युअली काम नहीं कर रहे हैं। वे हमलों के लिए स्वचालित एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसकी वजह से बेहद होशियार लोग भी इसके शिकार बन जाते हैं। पारंपरिक सुरक्षा उपाय इसके आगे टिक नहीं पाते हैं। स्टार हेल्थ एंड अलाइड इंश्योरेंस पॉलिसी होल्डर्स की निजी जानकारियां लीक होना इस खतरनाक रवैये का हालिया उदाहरण है। इसने टेलीग्राम चैटबॉट्स पर ग्राहकों की संवेदनशील स्वास्थ्य जानकारी सार्वजनिक कर डाली। उनका कहना है कि स्टार हेल्थ की यह चोरी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में मौजूद कमजोरियों को बताती हैं। अब ऐसे एआई वाले साइबर हमलों के लिए उन्नत साइबर सुरक्षा उपायों की तत्काल जरूरत का वक्त आ पहुंचा है। 
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


पहुंच रहा बड़ा नुकसान
साइबर अपराधों से लोगों और संगठनों को अच्छा खासा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। फिशिंग, रैनसमवेयर और ऑनलाइन धोखाधड़ी की वाकए आम हो चले हैं। भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र के अनुसार, जनवरी और अप्रैल 2024 के बीच भारतीयों ने धोखेबाजों की वजह से लगभग 1,750 करोड़ रुपये खो दिए। डिजिटल दौर में निजी डाटा और पहचान की चोरी बढ़ रही है। हाल ही में देश के सर्वोच्च न्यायालय के यूट्यूब चैनल और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर रणवीर अल्लाहबादिया (बीयर बाइसेप्स) को हैक कर लिया गया। एक सीईओ डिजिटल गिरफ्तारी घोटाले का शिकार होने से 7 करोड़ रुपये गंवाने पड़े।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed