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सीएसआईआर: प्रयोगशाला में उगे तम्बाकू के पौधे में निकोटीन 40 से 50 फीसदी कम, महानिदेशक कलाईसेल्वी का दावा
Mon, 25 Sep 2023 09:47 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Mon, 25 Sep 2023 09:47 PM IST
सार
सीएसआईआर महानिदेशक एन कलाईसेल्वी ने दावा किया कि सीएमएपी प्रयोगशाला ने निकोटीन की कम मात्रा वाला एक पौधा उगाया है। इस पौधे में निकोटीन की मात्रा 40 से 50 फीसदी तक घट गई है।
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डॉ. एन कलाइसेल्वी (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
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विस्तार
सीएसआईआर महानिदेशक एन कलाईसेल्वी ने दावा किया है अरोमा मिशन के कारण किसानों की आय दोगुनी से अधिक हो गई हैं। मंगलवार को उन्होंने 82वें वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद के स्थापना दिवस समारोह की तैयारियों पर मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा, सीएसआईआर किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में काम कर रहा है। अरोमा मिशन के जरिए किसानों की आय 2.5 प्रतिशत तक बढ़ गई है।
क्या है अरोमा मिशन?
'अरोमा मिशन', जिसे पर्पल रिवोल्यूशन के नाम से भी जाना जाता है, जो जम्मू और कश्मीर में शुरू हुआ। इसका उद्देश्य सुगंधित फसलों की खेती में लगे किसानों के लिए ग्रामीण रोजगार पैदा करना है। साथ ही, सुगंधित तेलों,अन्य सुगंधित उत्पादों के निर्माण में उद्यमिता को बढ़ावा देना और सुगंधित तेलों के आयात को कम करना है।
कार्यक्रम से इतर कलाईसेल्वी ने कहा, मिशन के तहत, किसानों को न केवल बीज और पौधे उपलब्ध कराए गए हैं, बल्कि खेती की प्रक्रिया भी सिखाई गई है। केवल किसानों को ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों को भी सिखाया जा रहा है। हम पूरे परिवार का हाथ थामते हैं और वैज्ञानिक अब प्रयोगशाला में बैठकर निगरानी नहीं कर रहे हैं। वैज्ञानिक अब किसानों तक पहुंच रहे हैं। वे धान के खेत या उस क्षेत्र में भी जाते हैं,जहां फसल या पौधे उगाए जाते हैं। कटाई के बाद भी उन्हें (किसानों को) जो भी मदद की जरूरत होती है, वैज्ञानिक मुहैया कराते हैं।
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वहीं, कलाईसेल्वी ने सोमवार को जानकारी देते हुए कहा, सीएमएपी प्रयोगशाला ने निकोटीन की कम मात्रा वाला एक पौधा उगाया है। इस पौधे में निकोटीन की मात्रा 40 से 50 फीसदी तक घट गई है। इसका सेवन करने से नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकेगा। साथ ही उन्होंने कहा, सीएसआईआर ने इस परियोजना पर तब काम शुरू किया था, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले साल एक बैठक में तंबाकू के स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को कम करने के उपायों को खोजने का सुझाव दिया था।
सीएसआईआर के स्थापना दिवस पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह मुख्य अतिथि होंगे। जबकि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस सोमनाथ और अंतरिक्ष विभाग के सचिव स्थापना दिवस पर संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में 12 विजेताओं को प्रतिष्ठित शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार-2022 प्रदान किए जाएंगे।
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क्या है अरोमा मिशन?
'अरोमा मिशन', जिसे पर्पल रिवोल्यूशन के नाम से भी जाना जाता है, जो जम्मू और कश्मीर में शुरू हुआ। इसका उद्देश्य सुगंधित फसलों की खेती में लगे किसानों के लिए ग्रामीण रोजगार पैदा करना है। साथ ही, सुगंधित तेलों,अन्य सुगंधित उत्पादों के निर्माण में उद्यमिता को बढ़ावा देना और सुगंधित तेलों के आयात को कम करना है।
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कार्यक्रम से इतर कलाईसेल्वी ने कहा, मिशन के तहत, किसानों को न केवल बीज और पौधे उपलब्ध कराए गए हैं, बल्कि खेती की प्रक्रिया भी सिखाई गई है। केवल किसानों को ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों को भी सिखाया जा रहा है। हम पूरे परिवार का हाथ थामते हैं और वैज्ञानिक अब प्रयोगशाला में बैठकर निगरानी नहीं कर रहे हैं। वैज्ञानिक अब किसानों तक पहुंच रहे हैं। वे धान के खेत या उस क्षेत्र में भी जाते हैं,जहां फसल या पौधे उगाए जाते हैं। कटाई के बाद भी उन्हें (किसानों को) जो भी मदद की जरूरत होती है, वैज्ञानिक मुहैया कराते हैं।
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वहीं, कलाईसेल्वी ने सोमवार को जानकारी देते हुए कहा, सीएमएपी प्रयोगशाला ने निकोटीन की कम मात्रा वाला एक पौधा उगाया है। इस पौधे में निकोटीन की मात्रा 40 से 50 फीसदी तक घट गई है। इसका सेवन करने से नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकेगा। साथ ही उन्होंने कहा, सीएसआईआर ने इस परियोजना पर तब काम शुरू किया था, जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले साल एक बैठक में तंबाकू के स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को कम करने के उपायों को खोजने का सुझाव दिया था।
सीएसआईआर के स्थापना दिवस पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह मुख्य अतिथि होंगे। जबकि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस सोमनाथ और अंतरिक्ष विभाग के सचिव स्थापना दिवस पर संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में 12 विजेताओं को प्रतिष्ठित शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार-2022 प्रदान किए जाएंगे।