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MoU: अब सरकारी सेवाओं में बढ़ेगा ई-ऑफिस का इस्तेमाल, सीएससी, एनआईसी और एनआईसीएसआई के बीच समझौता
Fri, 17 Feb 2023 06:35 AM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गुलाम अहमद
Updated Fri, 17 Feb 2023 06:35 AM IST
सार
सीएससी एसपीवी एनआईसी के ई-ऑफिस और स्पैरो उत्पाद की सेवा प्रदान करने के लिए राज्य और केंद्र स्तर के सरकारी संगठनों-उद्यमों के लिए डेटा सेंटर सुविधाओं को उपलब्ध कराएगा।
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CSC NIC and NICSI
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
ऑनलाइन सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इंडिया लिमिटेड (सीएससी एसपीवी), राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र सेवा निगमित (एनआईसीएसआई) ने समझौता किया है। इसके तहत एनआईसी के ई-ऑफिस और स्पैरो उत्पाद की सेवा सीएससी के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार के उद्यमों को प्रदान की जाएगी।
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सीएससी एसपीवी एनआईसी के ई-ऑफिस और स्पैरो उत्पाद की सेवा प्रदान करने के लिए राज्य और केंद्र स्तर के सरकारी संगठनों-उद्यमों के लिए डेटा सेंटर सुविधाओं को उपलब्ध कराएगा। डेटा सेंटर सुविधाओं में प्राइमरी डेटा सेंटर और रिमोट डेटा सेंटर होस्टिंग व सिस्टम एडमिनिस्ट्रेशन सेवाएं शामिल होगी। यह पूरी तरह से वायरस या अन्य खतरों से सुरक्षित होगा। इस मौके पर सीएससी एसपीवी के एमडी और सीईओ संजय राकेश ने कहा कि भारत में अभी भी एक बड़ी आबादी तक डिजिटल क्रांति का लाभ और सशक्तिकरण की लहर नहीं पहुंच पाई है।
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डीडीजी-एनआईसी रचना श्रीवास्तव ने कहा कि देश में अकेले ई-फाइल मॉड्यूल का उपयोग 10 लाख से अधिक सरकारी अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है और अब तक 4 करोड़ से अधिक फाइलें बनाई जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस प्रणाली स्थानीय भाषा के लिए काफी कारगर है। उत्तर प्रदेश, तेलंगाना जैसे राज्यों में इसका इस्तेमाल स्थानीय भाषाओं में किया जा रहा है।
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