बिहार चुनाव: नड्डा के आवास पर अहम बैठक, सीट बंटवारे पर लग सकती है अंतिम मुहर
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की एक अहम बैठक दिल्ली में हो रही है। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आवास पर हो रही इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, देवेंद्र फडणवीस और भूपेंद्र यादव से साथ बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे भी मौजूद हैं।
Delhi: Crucial meeting over upcoming #BiharElections2020 underway at BJP president JP Nadda’s residence.
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Home Minister Amit Shah, party’s Bihar election in-charge Devendra Fadnavis and Bhupendra Yadav present — ANI (@ANI) September 30, 2020
बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों के एलान के बाद एनडीए में सीटों को लेकर माथापच्ची चल रही थी। जानकारी के अनुसार बैठक में सीटों के बंटवारे को लेकर आज अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। जदयू और लोजपा के शीर्ष नेताओं को भी दिल्ली बुलाया गया था। कहा जा रहा है कि यह भाजपा और जदयू के बीच अंतिम बातचीत है।
सूत्रों के अनुसार सीट बंटवारे का फॉर्मूला तैयार होने के बाद, जदयू-भाजपा और मांझी की पार्टी के बीच तालमेल का आधिकारिक एलान होगा। अगर चिराग पासवान की लोजपा एनडीए से अलग होने का फैसला करती है तो इसका फायदा जदयू को मिल सकता है। लोजपा के अलग होने पर जदयू के खाते में 127 सीटें आएंगी।
सीटों की पेशकश से नाखुश है लोजपा
चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोजपा सीटों के बंटवारे पर विचार-विमर्श कर रही है। पार्टी इस उधेड़बुन में है कि भाजपा नीत एनडीए की पेशकश को स्वीकार किया जाए या फिर 143 सीटों पर चुनाव लड़ने की अपनी योजना पर आगे बढ़ा जाए। पार्टी सूत्रों के अनुसार इस पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा।
एनडीए में जदयू, भाजपा और लोजपा के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर अभी आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है। सूत्रों का कहना है कि लोजपा को 27 सीटों की पेशकश की गई है। लोजपा इससे नाराज है कि वह जिन सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारना चाहती है, उन सीटों की पेशकश उसे नहीं की गई है।
बता दें कि साल 2015 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में लोजपा ने 42 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिनमें से दो सीटों पर उसे जीत मिली थी। तब जदयू महागठबंधन की साझेदार थी, जिसने एनडीए को बुरी तरह हरा दिया था। जदयू ने भी कहा है कि लोजपा का गठबंधन भाजपा के साथ है, न कि उसके साथ।