फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   CRPF men were killed in Dantewada while taking cooler for ailing sniffer dog: DG Durga Prasad

दंतेवाड़ा: आईईडी धमाके में शहीद हुए जवान बचाने जा रहे थे कुत्ते की जान

Sat, 02 Apr 2016 10:46 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 02 Apr 2016 10:46 AM IST
सार

  • खोजी कुत्तों को बचाने के लिए लेकर जा रहे थे कूलर
  • आईईडी धमाके में चली गई थी सात जवानों की जान
  • धमाके में 60 किलो आईईडी का हुआ था इस्तेमाल

विज्ञापन
CRPF men were killed in Dantewada while taking cooler for ailing sniffer dog: DG Durga Prasad
खोजी कुत्ते को भीषण गर्मी से बचाने के लिए ले जा रहे थे कूलर - फोटो : Getty

विस्तार

दंतेवाड़ा में बुधवार को हुए एक आईईडी धमाके में शहीद हुए अर्धसैनिक बल के जवान अपने बेल्जियन मेलिनॉइस कुत्ते को गर्मी से बचाने के लिए कूलर लेकर जा रहे थे। इस बात की जानकारी खुद सीआरपीएफ के डायरेक्टर जनरल के दुर्गा प्रसाद ने दी।

विज्ञापन


उन्होंने बताया कि सीआरपीएफ के जवान अपने कुत्ते के लिए कूलर लेकर जा रहे थे इसी दौरान वह नक्सलियों के हमले के शिकार हो गए। प्रसाद ने बताया कि उस ट्रक में सेना के जवानों के अलावा तीन अन्य लोग भी सवार थे जिसकी नक्सलियों ने उम्मीद नही की थी।
विज्ञापन


प्रसाद के मुताबिक 230 बटालियन के चार जवान बिना किसी हथियार के दंतेवाड़ा जिले में स्थित बटालियन के मुख्यालय से बुधवार को करीब 2 बजे निकले थे। उस वक्त वे सामान्य नागरिकों की वेषभूषा में थे। दुर्घटना के दौरान वे जासूसी कुत्तों को रखे जाने वाले स्थान से करीब 40 किमी की दूरी पर भुसरस घाटी में थे। रास्ते में उन्हें सीआरपीएफ से रेननगर स्थित कैंप से कूलर लेकर कुत्तों के पास जाना था।

विज्ञापन
विज्ञापन

मैलवाडा गांव के पास जवानों के ट्रक को निशाना बनाकर आईईडी धमाका किया

CRPF men were killed in Dantewada while taking cooler for ailing sniffer dog: DG Durga Prasad
खोजी कुत्तों की रखी जाती है खास देखभाल - फोटो : Getty

उन्होंने बताया कि जब कूलर लेकर जवान भुसरस घाटी की तरफ जा रहे थे उसी वक्त मैलवाडा गांव के पास जवानों के ट्रक को निशाना बनाकर आईईडी धमाका किया गया। इस धमाके में चार लोगों की मौत हो गई। प्रसाद ने बताया कि धमाके के बाद तीन लोग जिंदा थे लेकिन नक्सलियों ने उनकी मौत की पुष्टि करने के लिए उन्हें पास से गोली मारी। धमाके के लिए करीब 60 किलो आईईडी का इस्तेमाल किया गया था जिसे एक सुरंग के अंदर रखा गया था।

प्रसाद के मुताबिक घटना स्थल के पास से काले और लाल रंग के तार बरामद हुए जो धमाके की जगह से करीब 90 मीटर की दूरी तक फैले हुए थे। ऐसा माना जा रहा है कि उसी अंतिम पोस्ट से इन तारों के जरिए धमाके को अंजाम दिया गया।

उन्होंने यह भी बताया कि नक्सलियों ने करीब 10 दिन पहले ही इस आईईडी को प्लांट किया होगा। क्योंकि घटना स्थल से जो तार मिले हैं वो मिट्टी के अंदर ज्यादा गहराई तक नहीं थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed