{"_id":"5740eb004f1c1bf876ac720d","slug":"crime-against-women-will-stop-from-panchayats-first","type":"story","status":"publish","title_hn":"'पंचायतों से शुरू होगी महिलाओं के खिलाफ हिंसा रोकने की मुहिम'","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
'पंचायतों से शुरू होगी महिलाओं के खिलाफ हिंसा रोकने की मुहिम'
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sun, 22 May 2016 05:09 AM IST
सार
- अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में पहुंचीं राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष
- आयोग के अधिकार बढ़ाने और महिलाओं को सशक्त बनाने पर की बात
विज्ञापन
ललिता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विश्व के किसी भी देश में महिलाओं को समान अधिकार और बराबरी का दर्जा नहीं दिया गया है। लोगों की सोच ने महिलाओं को कभी पहली कतार में खड़े ही नहीं होने दिया है। भारत में भी हालत कुछ ऐसे ही हैं। जरूरत है सुधार की और ये सुधार होगा लोगों की सोच में बदलाव के साथ। हम महिलाओं को शिक्षित बनाने और आर्थिक रूप से मजबूत बनाकर देश को बदलेंगे।
विज्ञापन
अब महिला हिंसा को रोकने की शुरुआत पंचायतों से होगी। यह कहना है राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ललिता कुमार मंगलम का। वह शनिवार को अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचीं थीं। अमर उजाला संवाद में ललिता कुमार मंगलम ने राष्ट्रीय महिला आयोग की तरफ से महिलाओं के अधिकारों, हितों और उनकी सुरक्षा के लिए चलाए जाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयोग महिला हिंसा पर कार्रवाई करने के साथ-साथ इसे रोकने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। इसकी शुरुआत गांव की पंचायतों से की जा रही है।
विज्ञापन
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर राजस्थान में महिला प्रधानों को सुशासन की ट्रेनिंग दी जा रही है। इस ट्रेनिंग के तहत महिलाओं को व्यवस्था, कानून और विकास की तकनीकी जानकारी दी जा रही है। इस प्रोजेक्ट को अगले कुछ महीनों में राजस्थान के अलवर और डुंगरपुर में भी चलाने की योजना है। इसके बाद देश के अन्य राज्यों में भी इसे चलाया जाएगा। मंगलम ने ये भी बताया कि पुलिस विभाग में कांस्टेबल स्तर पर ट्रेनिंग की योजना तैयार की गई है। इसके अलावा महिला आश्रयों में होने वाली हिंसा को रोकने के लिए सर्वे की योजना भी बनाई है। आयोग अध्यक्ष ने बताया कि राष्ट्रीय महिला आयोग में हिंसा के जितने भी मामले आते हैं, उनमें 70 फीसदी केस घरेलू हिंसा के होते हैं। घरेलू हिंसा में यूपी पहले और दिल्ली दूसरे नंबर पर है।
विज्ञापन
मंगलम ने कहा कि अगर घरेलू हिंसा के मामले प्रारंभिक अवस्था में ही आयोग के पास आएं, तो समाधान हो सकता है। निचले स्तर पर आयोग द्वारा कंप्लेंट विंडो बनाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि निगरानी के लिए आयोग शक्ति बढ़ा रहा है। दिल्ली में पुलिस थानों में दो-दो काउंसिलर की व्यवस्था की गई है। बाकी प्रदेशों में भी आयोग की तरफ से यह व्यवस्था जल्द की जाएगी।
महिला आयोग की अध्यक्ष ने महिलाओं के खिलाफ हिंसा को नियंत्रण करने के मामले में गुजरात की तारीफ की। उन्होंने कहा कि महिला हिंसा में शराब बड़ा कारण है। गुजरात में शराब पर पाबंदी है और वहां की महिलाएं भी अधिक शिक्षित हैं। यही वजह है कि गुजरात में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामले कम हैं। शराब पर पाबंदी लगाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि शराब पर अगर पाबंदी लगती है, तो निश्चित ही महिलाओं के खिलाफ हो रही हिंसा के मामलों में कमी आएगी।