डेढ़ महीने से क्रूज पर फंसे चालक दल के 146 भारतीय आज उतरेंगे, जहाजों पर अब भी फंसे हैं 40 हजार कर्मचारी
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करीब डेढ़ महीने से कोरोना वायरस महामारी के कारण एक क्रूज शिप पर फंसे 146 भारतीय आज मुंबई में नीचे उतारे जाएंगे। ये सभी क्रूज शिप के चालक दल के सदस्य हैं। थाईलैंड से आया क्रूज शिप 14 अप्रैल को मुंबई पहुंच गया था, लेकिन किसी भी सदस्य को नीचे उतरने की अनुमति नहीं दी गई थी।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बुधवार को इन लोगों को नीचे उतारे जाने की जानकारी दी। सीएमओ ने बताया कि क्रूज शिप मैरिला डिस्कवरी के चालक दल का कोई भी सदस्य कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं पाया गया है। यह शिप 14 मार्च को महामारी फैलना शुरू होने पर यात्रियों को थाईलैंड में छोड़कर वापस चल दिया था।
इससे पहले शिप को तय कार्यक्रम के हिसाब से दो से छह अप्रैल के बीच कोच्चि, न्यू मंगलूरू, गोवा और मुंबई जाना था। वापस लौटने पर क्रूज के कर्मचारियों को कोच्चि पहुंचने पर नीचे उतरने की इजाजत नहीं दी गई। इसके चलते क्रूज शिप 14 अप्रैल को मुंबई पहुंच गया।
सीएमओ ने बताया कि क्रूज की संचालक कंपनी ने कहा कि 37 दिन पहले थाइलैंड से रवाना होने और किसी भी कर्मचारी के संक्रमित नहीं होने के बावजूद शिप को मुंबई बंदरगाह पर प्रवेश करने की इजाजत नहीं दी गई है।
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की तरफ से केंद्र सरकार के साथ बातचीत के बाद जहाजरानी मंत्रालय ने शिप को मुंबई बंदरगाह आने इजाजत दे दी। शिप से बृहस्पतिवार को उतरने वाले चालक दल के 146 सदस्यों की जांच की जाएगी। यदि उन्हें क्वारंटीन करने की आवश्यकता समझी गई तो इसके लिए एक इमारत तैयार कर ली गई है। इन 146 भारतीयों के नीचे उतरने के बाद क्रूज शिप नार्वे के लिए रवाना हो जाएगा।
जहाजों पर फंसे हैं 40 हजार भारतीय नाविक
बता दें कि केंद्र सरकार ने लॉकडाउन से पहले कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सभी बंदरगाहों को भी बंद कर दिया था। इसके चलते करीब 35 से 40 हजार भारतीय नाविक और कर्मचारी बहुत सारे व्यवसायिक व यात्री जहाजों पर फंस गए थे। हालांकि अब केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इन सभी जहाजों को बंदरगाहों पर आने और कर्मचारियों को टेस्ट के बाद नीचे उतरने की इजाजत दे दी है।