कोविड-19 के नए प्रकार: अभी तक हम क्या जानते हैं और क्या नहीं, पूरी जानकारी
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कोरोना वायरस के सामने आ रहे नए प्रकारों के लक्षणों के बारे में सूचनाएं तेजी से सामने आ रही हैं। वैज्ञानिक यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि ये कितनी आसानी से फैल सकते हैं, क्या ये अधिक गंभीर बीमारी फैला सकते हैं और क्या अभी मौजूद वैक्सीन लोगों को इनसे बचा पाएंगी। मौजूदा समय में इस बात का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है कि ये नए प्रकार और गंभीर बीमार कर सकते हैं या मृत्यु का खतरा बढ़ा सकते हैं।
अभी तक हम क्या जानते हैं...
वायरस म्यूटेशन के जरिए लगातार बदलते रहते हैं और समय के साथ हर वायरस का नया प्रकार सामने आने की उम्मीद रहती है। कभी-कभी नए प्रकार सामने आते हैं और गायब हो जाते हैं और कई बार नए प्रकार सामने आते हैं और बने रहते हैं। बता दें कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका और ब्रिटेन समेत दुनियाभर के कई देशों में इस वायरस के नए प्रकारों के सामने आने की पुष्टि हुई है।
जिस वायरस की वजह से कोविड-19 बीमारी होती है वह कोरोना वायरस का एक प्रकार है। यह वायरसों का एक बड़ा परिवार है। इन्हें यह नाम इनकी सतह पर ताज (क्राउन) की तरह स्पाइक्स (कांटे) जैसी संरचना के चलते दिया गया। वैज्ञानिक वायरसों में बदलाव का अध्ययन करते हैं। वायरस के जेनेटिक विश्लेषण समेत ये अध्ययन यह समझने में मदद करता है कि वायरस में होने वाला बदलाव कैसे प्रभावित कर सकता है।
इस समय दुनियाभर में कोविड-19 के कई प्रकार मौजूद हैं। यूनाइटेड किंगटम में एक नया प्रकार सामने आया है जिसमें सामान्य से कहीं अधिक म्यूटेशन होने की जानकारी मिली है। वैज्ञानिकों के अनुसार यह नया प्रकार पहले अन्य प्रकारों के मुकाबले कहीं अधिक तेजी से प्रसारित हो सकता है। वर्तमान में इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि इस नए प्रकार से अधिक गंभीर बीमारी का खतरा हो या मृत्यु का खतरा बढ़ जाए।
वायरस के इस प्रकार के बारे में सबसे पहले सितंबर 2020 में पता चला था और अब लंदन व दक्षिण-पूर्व इंग्लैंड में यह तेजी से फैल रहा है। इसके बाद से अमेरिका, भारत और कनाडा समेत दुनिया के कई देशों में वायरस के इस नए प्रकार की पुष्टि हो चुकी है। दक्षिण अफ्रीका में यूके में सामने आए प्रकार से अलग एक नए वायरस का पता चला है। इस वायरस के बारे में सबसे पहले अक्तूबर 2020 की शुरुआत में पता चला था।
उल्लेखनीय है कि वायरस का यह प्रकार बाकी प्रकारों के मुकाबले अधिक तेजी से और आसानी से फैलने वाला है। इसके अलावा वायरस का एक और प्रकार नाइजीरिया में भी सामने आया है। वर्तमान में यूनाइटेड किंगडम में सामने आए वायरस के प्रकार की तरह ही इन दोनों प्रकारों के बारे में भी अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि यह संक्रमित व्यक्ति की बीमारी को और गंभीर कर देता है या मृत्यु का खतरा बढ़ा देता है।
हम क्या नहीं जानते हैं...
वैज्ञानिक वायरस के इन प्रकारों के बारे में और जानने पर काम कर रहे हैं। नीचे दिए गए बिंदु ऐसे हैं जिन्हें समझने के लिए और अधिक अध्ययन किए जाने की आवश्यकता है
- वायरस के ये नए प्रकार कितना अधिक फैल गए हैं?
- वायरस के नए प्रकार पहले के मुकाबले कितने अलग हैं?
- मौजूदा वायरसों से होने वाली बीमारी और नए प्रकारों से होने वाली बीमारी में क्या कोई अंतर है?
इसका क्या मतलब है
वैज्ञानिक, चिकित्सा विशेषज्ञ और विभिन्न देशों के जनस्वास्थ्य अधिकारी इन नए प्रकारों के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए इनके बारे में तेजी से अध्ययन कर रहे हैं। वे नीचे दिए गए बिंदुओं को समझना चाहते हैं...
- क्या नए प्रकार एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक ज्यादा तेजी से फैलते हैं?
- क्या ये लोगों को हल्का या अधिक गंभीर रूप से बीमार करते हैं?
- क्या वर्तमान में मौजूद वायरल जांचों से इनका पता लगाया जा सकता है?
- क्या अभी कोविड-19 से ग्रस्त मरीजों के इलाज में दी जा रही दवाएं इन पर असर करेंगी?
- क्या ये वैक्सीनों के असर को कम कर सकते हैं। हालांकि, अभी तक इसका कोई प्रमाण नहीं है?