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राहत पैकेज नहीं दिया तो न्यूजपेपर इंडस्ट्री को 15,000 करोड़ तक का नुकसान

Sat, 02 May 2020 05:30 AM IST
Rajeev Rai न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Rajeev Rai Updated Sat, 02 May 2020 05:30 AM IST
सार

संगठन ने सूचना एवं प्रसारण सचिव को लिखा पत्र, कहा-दो महीने में हुआ 4000 करोड़ का नुकसान

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Covid19 Lockdown Newspaper industry could face losses of up to Rs 15,000 crore if relief not provided says INS
भारतीय अखबार - फोटो : social media

विस्तार

इंडियन न्यूजपेपर सोसायटी (आईएनएस) ने केंद्र सरकार से न्यूजपेपर इंडस्ट्री को बड़ा प्रोत्साहन पैकेज देने की अपील की है। आईएनएस का कहना है कि यदि राहत उपलब्ध नहीं कराई गई तो छह से सात महीने में इंडस्ट्री को 15,000 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है।

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सूचना एवं प्रसारण सचिव को लिखे पत्र में आईएनएस ने कहा है कि देश में सबसे अधिक प्रभावित उद्योगों में न्यूजपेपर इंडस्ट्री भी है। कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन के कारण न्यूजपेपर इंडस्ट्री को विज्ञापनों और सर्कुलेशन से राजस्व नहीं मिल रहा है। दो महीनों में ही 4000-4500 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। आर्थिक गतिविधियों के तकरीबन ठप होने और निजी क्षेत्र से विज्ञापन न मिलने की संभावना के चलते 6-7 महीनों में 12000-15000 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। ऐसे में सरकार को जल्द से जल्द प्रोत्साहन पैकेज लागू करना चाहिए।

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वेतन देने तक में आ रही दिक्कत

संगठन ने कहा कि अब तक हुए नुकसान का इंडस्ट्री से प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जुड़े 30 लाख कर्मियों पर गंभीर परिणाम हुआ है। इनमें पत्रकार, प्रिंटर, वितरक और अन्य लोग शामिल हैं। ये लोग 800 से अधिक अखबारों का प्रतिनिधित्व करते हैं। आईएनएस के मुताबिक, अखबार प्रत्यक्ष रूप से 9 से 10 लाख और अप्रत्यक्ष रूप से 18-20 लाख लोगों को रोजगार मुहैया कराते हैं। पिछले कई हफ्तों के दौरान व्यापक नुकसान और नकदी संकट के चलते संस्थानों को अपने कर्मचारियों और वेंडरों को वेतन देने तक में बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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न्यूज प्रिंट से हटाई जाए कस्टम ड्यूटी

आईएनएस ने सरकार ने न्यूजप्रिंट पर लगने वाले पांच फीसदी कस्टम ड्यूटी को भी हटाने का अनुरोध किया है। उसने कहा कि प्रकाशकों के लिए कुल लागत का 40 से 60 फीसदी लागत न्यूजप्रिंट की होती है। इसके अलावा संगठन ने सरकार ने अखबारों के लिए दो साल कर छूट देने, ब्यूरो ऑफ आउटरीच और कम्यूनिकेशन के विज्ञापन दरों में 50 फीसदी वृद्धि तथा प्रिंट मीडिया के लिए बजट खर्च में 100 फीसदी बढ़ोतरी का आग्रह किया है।

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