कर्नाटक: प्रवासी मजदूरों का मंगलूरू रेलवे स्टेशन के बाहर प्रदर्शन, गृह राज्य वापस भेजे जाने की मांग की
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देश में कोविड-19 पर रोक लगाने के लिए सरकार ने लॉकडाउन 3.0 लागू किया हुआ है। इस कारण देश के विभिन्न हिस्सों में प्रवासी मजदूर फंस गए हैं। वे अपने गृह राज्य जाने की मांग कर रहे हैं। इसी कड़ी में, कर्नाटक के मंगलूरू में शुक्रवार को प्रवासी मजदूरों ने अपने गृह राज्य वापस भेजे जाने के लिए प्रदर्शन किया।
मंगलूरू के सेंट्रल रेलवे स्टेशन के बाहर प्रवासी मजदूर इकट्ठा हो गए और उन्होंने हाथों में 'वी वांट टू गो होम' (हम घर वापस जाना चाहते हैं) के बैनर लेकर प्रदर्शन किया। इन मजदूरों की मांग की कि इन्हें इनके गृह राज्य वापस भेजा जाए। वे यह जानकर रेलवे स्टेशन पर उमड़ पड़े कि कर्नाटक सरकार उन्हें गृह राज्य भेजने के लिए विशेष ट्रेनें चलाएगी।
इनमें से अधिकतर प्रवासी मजदूर बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। ये मजदूर स्टेशन पर डटे रहे और पुलिस की अपील के बावजूद उन्होंने वहां से जाने से इनकार कर दिया।
पुलिस ने प्रवासी मजदूरों के हवाले से कहा कि वे बिना नौकरी, पैसा और पर्याप्त भोजन के शहर में फंसे हुए हैं। अगर फौरन विशेष ट्रेनें नहीं चलाई गईं तो वे पैदल ही अपने गृह राज्य जाना चाहते हैं।
कर्नाटक सरकार ने मजदूरों को उनके घर भेजने के लिए आठ मई से विशेष ट्रेनें चलाने का गुरुवार को फैसला किया था और इसके लिए नौ राज्यों से मंजूरी मांगी थी। उन्हें बताया गया कि कर्नाटक कोविड-19 को फैलने से रोकने के लिए लगाए लॉकडाउन के कारण शहर तथा अन्य जिलों में फंसे हजारों प्रवासी मजदूरों को ले जाने के लिए 15 मई तक इन राज्यों तक एक दिन में दो ट्रेन चलाना चाहता है।
यह कदम तब उठाया गया है जब दो दिन पहले सरकार ने प्रवासियों के लिए विशेष ट्रेन चलाने का रेलवे से किया अनुरोध वापस ले लिया था। उसने मंगलवार को यह अनुरोध करने के कुछ ही घंटों के भीतर इसे वापस ले लिया। इससे पहले बंगलूरू से प्रवासी मजदूरों के लिए आठ विशेष ट्रेनें चलाई गई थी।
Karnataka: Migrant workers stranded in the state amid #COVID19 lockdown, today protested at the Central Railway Station in Mangalore. The workers demanded the state government to send them back to their native places. pic.twitter.com/UwopXXag0g
— ANI (@ANI) May 8, 2020
गौरतलब हो कि लॉकडाउन लागू होने की वजह से देशभर के विभिन्न क्षेत्रों में प्रवासी मजदूर फंस गए हैं। हाल ही में, सरकार ने इन प्रवासी मजदूरों को इनके गृह राज्य पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। हालांकि, कुछ मजदूर इसके बाद भी पैदल ही घरों की ओर चल दिए हैं।
पैदल जाने वाले अधिकतर मजदूर राष्ट्रीय राजमार्गों या ट्रेन की पटरियों के सहारे ही आगे बढ़ रहे हैं। इस कारण हादसों का खतरा बढ़ गया है। ऐसा ही एक हादसा महाराष्ट्र के होशंगाबाद में सामने आया। जहां शुक्रवार को एक मालगाड़ी की चपेट में आने के बाद 14 प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई।
कर्माड पुलिस थाने के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि जालना से भुसावल की ओर पैदल जा रहे मजदूर मध्यप्रदेश लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि वे रेल की पटरियों के किनारे चल रहे थे और थकान के कारण पटरियों पर ही सो गए थे। अधिकारी ने बताया कि ट्रेन ने सुबह सवा पांच बजे उन्हें कुचल दिया।
वहीं, देशभर में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 3390 नए मामले सामने आए हैं और 103 लोगों की मौत हुई है।
इसके बाद देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 56,342 हो गई है, जिनमें 37,916 सक्रिय हैं, 16,540 लोग स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 1,886 लोगों की मौत हो चुकी है।