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Precautionary Dose: एहतियाती खुराक लगाने में आंध्र प्रदेश अव्वल, पंजाब-पूर्वोत्तर राज्य पिछड़े
Mon, 18 Jul 2022 05:03 AM IST
Jeet Kumar
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली।
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 18 Jul 2022 05:03 AM IST
सार
एनएचए के अनुसार देश में एहतियाती खुराक के टीकाकरण पर जोर देना बहुत जरूरी है क्योंकि कोरोना संक्रमण का जोखिम अभी भी बना हुआ है। हर दिन कोरोना मीटर के जरिए हमारे सामने हजारों की संख्या में आंकड़े सामने आ रहे हैं।
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कोरोना टेस्ट
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
देश में कोरोना टीकाकरण ने 200 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। साथ ही एहतियाती खुराक का टीकाकरण शुरू हुए भी छह महीने पूरे हो गए हैं। ऐसे में राज्यों की मौजूदा स्थिति को लेकर सामने आई सरकार की रिपोर्ट में पता चला है कि एहतियाती खुराक लगाने में आंध्र प्रदेश पूरे देश में अव्वल है लेकिन पंजाब और पूर्वोत्तर राज्यों की हालत सहीं नहीं है।
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इन राज्यों में 10 लाख से भी कम लोग अब तक तीसरी खुराक ले पाए हैं। इसी साल 10 जनवरी से देश में एहतियाती खुराक लोगों को दी जा रही है। पहले दूसरी खुराक लेने के नौ माह बाद एहतियाती मिल रही थी लेकिन अब छह माह बाद ही तीसरी खुराक ली जा सकती है।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में सबसे ज्यादा आंध्र प्रदेश में 56 लाख लोग अब तक एहतियाती खुराक हासिल कर चुके हैं। इसके बाद बिहार और पश्चिम बंगाल हैं जहां 51-51 लाख से अधिक एहतियाती खुराक दी गई है लेकिन जो राज्य आबादी के लिहाज से बड़े हैं, वहां टीकाकरण उतना ही कम है। उदाहरण के तौर पर महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में क्रमश: 43, 39 और 25 लाख खुराक दी गई हैं जबकि इन राज्यों में दूसरी खुराक का टीकाकरण काफी तेजी से पूरा हुआ था।
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इसी तरह पहाड़ी राज्यों को लेकर रिपोर्ट बताती है कि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अन्य राज्यों की तुलना में गति धीमी है। हिमाचल प्रदेश में अब तक पांच लाख लोगों को यह खुराक मिली है जबकि उत्तराखंड ने सात लाख लोगों को तीसरी खुराक देने में सफलता हासिल कर ली है। एनएचए के अनुसार देश में एहतियाती खुराक के टीकाकरण पर जोर देना बहुत जरूरी है क्योंकि कोरोना संक्रमण का जोखिम अभी भी बना हुआ है। हर दिन कोरोना मीटर के जरिए हमारे सामने हजारों की संख्या में आंकड़े सामने आ रहे हैं। साथ ही साथ वायरस की आनुवंशिक संरचना में भी बदलाव हो रहे हैं।
बढ़ानी होगी गति
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 200 करोड़ की उपलब्धि देश के लिए बड़ी सफलता है। अब पहली या दूसरी खुराक की बात नहीं हो रही है क्योंकि हम जानते हैं अधिकांश राज्य 90 फीसदी तक पहुंच गए हैं। अब जरूरी है कि जिन लोगों ने दोनों खुराक ले लीं उन्हें तीसरी खुराक भी समय पर मिले तभी संक्रमण से बचाव हो पाएगा।
रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में अब तक 8.16 लाख लोगों को एहतियाती खुराक मिली है। चंडीगढ़ में केवल 58174, दिल्ली में 19.31 लाख, हरियाणा में 12.34 लाख और जम्मू-कश्मीर में 4.09 लाख लोगों को तीसरी खुराक मिली है।