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Covid Vaccination: देश में कोविड टीकाकरण अभी अधूरा, नए वैरिएंट की दस्तक के बीच बढ़ी चिंता

Mon, 17 Oct 2022 07:58 AM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Mon, 17 Oct 2022 07:58 AM IST
सार

चीन के मंगोलिया क्षेत्र में ओमिक्रॉन का नया उप स्वरूप या सब वैरिएंट BA.5.1.7 मिला है। सिंगापुर में एक्सएक्सबी वैरिएंट मरीजों की संख्या लगातार बढ़ा रहा है। ऐसे में भारत में टीकाकरण अभियान को फिर तेज करने पर विचार हो रहा है।

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Covid vaccination still incomplete in country, know all about
covid vaccination in india - फोटो : ANI

विस्तार

एक बार फिर विश्व के कई देशों में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के नए उप स्वरूप ने दस्तक दे दी है। ऐसे में देश में जारी कोरोना टीकाकरण अभियान को तेज करने की कवायद शुरू हो गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक कोविड रोधी वैक्सी की 200 करोड़ से ज्यादा खुराक दी जा चुकी है, फिर भी यह अभियान पूरा नहीं हुआ है। 

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200 करोड़ खुराक में पहली व दूसरी खुराक लेने वाले लोगों और ऐहतियाती खुराक लेने वालों का आंकड़ा शामिल है। कोविड रोधी टीकाकरण अभियान को अब भी लंबा सफर करना है। सरकारी अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है।
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आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सरकार के पास तीन करोड़ टीकों का स्टॉक अब भी पड़ा है। अधिकारियों के अनुसार टीकाकरण अंतिम चरण में पहुंच गया है, लेकिन अभी पूरा नहीं हुआ है। तीन करोड़ टीकों का स्टॉक कुछ माहों के लिए पर्याप्त है। सूत्रों ने एएनआई से कहा कि टीकों की खरीदी की फिलहाल जरूरत नहीं है, लेकिन ऐसा भी नहीं है कि अभियान पूरा हो गया है। केंद्र सरकार देशभर में यह अभियान तेज करने के प्रयास कर रही है। 
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16 जनवरी 2021 को शुरू हुआ था टीकाकरण
केंद्र सरकार ने कोरोना महामारी शुरू होने के बाद 16 जनवरी 2021 से कोरोना रोधी टीकाकरण शुरू किया था। इसके पहले चरण में डॉक्टरों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं आदि को टीके लगाए गए थे। इसके बाद 21 जून 2021 से देशव्यापी टीकाकरण का नया अभियान शुरू हुआ था। टीकों की बढ़ती उपलब्धता के साथ अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया गया। इसमें केंद्र व संघ शासित राज्यों ने भी महती भूमिका निभाई। केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को ये टीके मुफ्त में मुहैया कराए। अब तक टीकाकरण के कई चरण पूरे हो चुके हैं। दो अनिवार्य खुराक के अलावा एहतियाती या बूस्टर खुराक के रूप में तीसरी खुराक भी जा रही है। 

अब तक 219 करोड़ खुराक दी गई
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में अब तक कुल 219.32 करोड़ खुराक दी जा चुकी है। 16 मार्च 2022 से 12 से 14 साल के बच्चों का टीकाकरण भी शुरू किया जा चुका है। अब तक 7 करोड़ से ज्यादा (7,32,69,084) किशोरों को खुराक दी जा चुकी है। बीते 24 घंटे की बात करें तो सभी आयु वर्ग के लोगों को इस दौरान 5,02,619 खुराक दी गई। 

ओमिक्रॉन का नया सब वैरिएंट बीए.5.1.7 ज्यादा संक्रामक
उधर, चीन के मंगोलिया क्षेत्र में ओमिक्रॉन का नया उप स्वरूप या सब वैरिएंट BA.5.1.7 मिला है। सिंगापुर में एक्सएक्सबी वैरिएंट मरीजों की संख्या लगातार बढ़ा रहा है। ऐसे में भारत में टीकाकरण अभियान को फिर तेज करने पर विचार हो रहा है। नया वैरिएंट ज्यादा संक्रामक बताया जा रहा है। भारत में भी इसके मरीज मिल चुके हैं। गुजरात जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान केंद्र ने BF.7 के पहले केस की पुष्टि की है। हालांकि अभी देश में सक्रिय केस की संख्या 26,625 है, जो कुल केस की तुलना में मात्र 0.06 फीसदी है। 

कोरोना के BF.7 वैरिएंट के बारे में जानिए
गुजरात जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान केंद्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ माधवी जोशी ने एक रिपोर्ट में बताया कि BF.7 भारत में भी पाया गया है,  यह ओमिक्रॉन फैमिली की ही सब-वैरिएंट है। ओमिक्रॉन को बहुत गंभीर समस्याओं वाला नहीं पाया गया है ऐसे में इस सब-वैरिएंट को लेकर ज्यादा परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। हम वैरिएंट और इसके डायनामिक को देख रहे हैं।

चीन में बिगड़ रहे हालात, शंघाई में लॉकडाउन
चीन में कोरोना का एक बार फिर से बढ़ता संक्रमण वैश्विक स्तर पर चिंता का कारण बना हुआ है। चीन के शंघाई में पिछले 15 दिनों में हालात इस कदर बिगड़े हैं कि वहां कुछ हिस्सों में आंशिक लॉकडाउन तक लगाने की नौबत आ गई है। चीन के साथ कुछ यूरोपीय देशों में भी हालात बिगड़ते हुए देखे जा रहे हैं। चीनी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां दो प्रमुख कोविड वैरिएंट्स बीए.5.1.7 और बीएफ.7 के कारण संक्रमण के मामलों में इस कदर वृद्धि देखी जा रही है, प्रारंभिक अध्ययनों में इन वैरिएंट्स को अत्यधिक संक्रामक माना जा रहा है। विशेषज्ञ कहते हैं, यह वैक्सीन से बनी प्रतिरक्षा को आसानी से चकमा देने वाले वैरिएंट्स हैं, जिसके कारण आने वाले दिनों में एक और संक्रमण की लहर को लेकर चिंता बढ़ रही है। 

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि किसी को भी मास्क लगाना नहीं छोड़ना चाहिए और लक्षणों पर गंभीरता से ध्यान देते रहना चाहिए। आइए जानते हैं कि ये नए वैरिएंट्स किस प्रकार की समस्याओं को कारण बन सकते हैं? भारत में इसे लेकर किस प्रकार के सावधानी की आवश्यकता है?


कोरोना के नए वैरिएंट्स की संक्रामकता अधिक, क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार प्रारंभिक शोध में BA.5.1.7 और BF.7 जैसे वैरिएंट्स की संक्रामता दर काफी अधिक देखी गई है। इसके अलावा भारत में कोरोना के एक और नए वैरिएंट XBB के कारण भी संक्रमण के मामलों में उछाल देखा जा रहा है।  XBB वैरिएंट, ओमिक्रॉन के दो वैरिएंट्स BA.2.75 और BA.2.10 के बीच पुनः संयोजन से उत्पन्न हुआ है। फिलहाल इसे अब तक के सभी कोरोना वैरिएंट्स की तुलना में अधिक संक्रामक पाया गया है। भारत में अब तक इसके कारण 80 से अधिक लोगों में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है।

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