{"_id":"61a106609333ec440e213982","slug":"covaxin-experts-dismiss-concerns-over-50-per-cent-efficacy-of-covaxin-against-delta-variant","type":"story","status":"publish","title_hn":"Covaxin: डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ कोवैक्सीन के 50 फीसदी प्रभाव पर चिंता की जरूरत नहीं, विशेषज्ञों ने बताई वजह","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Covaxin: डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ कोवैक्सीन के 50 फीसदी प्रभाव पर चिंता की जरूरत नहीं, विशेषज्ञों ने बताई वजह
Fri, 26 Nov 2021 09:38 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 26 Nov 2021 09:38 PM IST
सार
वैक्सीन के असर को लेकर दो अलग-अलग आंकड़ों के सामने आने के बाद चिंता बढ़ गई थी। लेकिन विशेषज्ञों ने इन चिंताओं को खारिज किया है।
विज्ञापन
भारत की स्वदेशी कोरोना वैक्सीन कोवाक्सीन
- फोटो : Social Media
विस्तार
कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ स्वदेशी टीका कोवैक्सीन के असर को लेकर चर्चा का दौर जारी है। हालांकि, इसके 50 फीसदी प्रभाव को भी विशेषज्ञ खराब नहीं मानते हैं। कोवैक्सीन के तीसरे चरण के नतीजों के आधार पर कोरोना वायरस के लक्षण वाले मरीजों पर इसे 77.8 फीसदी असरदार पाया गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ कौवैक्सीन के असर में कमी न तो हैरान करने वाली है और न ही खराब है। डेल्टा वैरिएंट के कारण इस साल देश में अप्रैल से मई के दौरान कोरोना संक्रमण चरम पर पहुंच गया था और हजारों लोगों को जान गंवानी पड़ी थी।
विज्ञापन
दो अलग-अलग आंकड़े सामने आए
वैक्सीन के असर को लेकर दो अलग-अलग आंकड़ों के सामने आने के बाद चिंता बढ़ गई थी। लेकिन विशेषज्ञों ने इन चिंताओं को खारिज किया है। इनका कहना है कि डेल्टा वैरिएंट की ताकत, कोरोना की दूसरी लहर की तीव्रता और स्वास्थ्यकर्मियों के ज्यादा मरीजों के बीच काम करने की वजह से नवीनतम आंकड़े सामने आए हैं।
विज्ञापन
दरअसल, लैंसेट पत्रिका में बुधवार को नया शोध प्रकाशित हुआ था जिसमें कहा गया है कि कोवैक्सीन को डेल्टा वैरिएंट संक्रमण के खिलाफ 50 फीसदी प्रभावी पाया गया है। यह अध्ययन नई दिल्ली के एम्स में काम करने वाले कर्मचारियों बीच 15 अप्रैल से 15 मई के दौरान किया गया था।
विज्ञापन
शुरुआती वैरिएंट में था 77 फीसदी प्रभावी
विशेषज्ञों का कहना है कि कोवैक्सीन के 77.8 फीसदी प्रभाव कोरोना के शुरुआती वैरिएंट यानी वुहान में पाए गए वैरिएंट के खिलाफ पाया गया था। इनका यह भी कहना है कि कोवैक्सीन ही नहीं बल्कि लगभग सभी वैक्सीन को डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ कम प्रभावी पाया गया है।