फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   adopt a heritage policy of government failed in starting stage

विवादों में सरकार की 'अडॉप्ट अ हेरिटेज' योजना, निजी हाथों में देश की विरासत

Sun, 06 May 2018 01:12 PM IST
राजस्थान से महेश कुमार सिद्धमुख
राजस्थान से महेश कुमार सिद्धमुख Updated Sun, 06 May 2018 01:12 PM IST
विज्ञापन
adopt a heritage policy of government failed in starting stage

सरकार की ‘अडॉप्ट अ हेरिटेज’ योजना अपने शुरुआती चरण में ही विवादों में घिर गई है। इस योजना के तहत 90 से अधिक ऐतिहासिक राष्ट्रीय धरोहरें विभिन्न कॉरपोरेट घरानों को देखरेख के लिए सौंपी जानी हैं। ऐतिहासिक राष्ट्रीय धरोहर लाल किले को रख-रखाव और पुनर्विकास के लिए जिस तरह से औने-पौने दामों में डालमिया समूह को सौंपा गया है, उससे विभागीय भूमिका भी सवालों के घेरे में है। 

विज्ञापन


हर साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान प्रधानमंत्री लाल किले से ही देश के लोगों को संबोधित करते रहे हैं। ऐसे में इसकी देखभाल की जिम्मेदारी से अगर केंद्र सरकार अपना पल्ला झाड़ रही है, तो यह एक राष्ट्रीय चिंता का विषय है। ‘अडॉप्ट अ हेरिटेज’ योजना के तहत लाल किले के रख-रखाव और पुनर्विकास की जिम्मेदारी डालमिया समूह को एक पंचवर्षीय अनुबंध के तहत मात्र 25 करोड़ रुपये में सौंप दी है। 
विज्ञापन


दिल्ली स्थित लाल किला एक प्रख्यात राष्ट्रीय पर्यटक स्थल है और यह विश्व पुरातत्व धरोहर स्थलों की सूची में भी शामिल है। इसकी वार्षिक आय छह करोड़ रुपये से ऊपर बताई जाती है। ऐसे में महज पांच करोड़ रुपये सालाना शुल्क पर किसी निजी कंपनी को एक राष्ट्रीय विरासत की देखभाल की जिम्मेदारी देने पर सवाल तो उठेंगे ही। यहां पर समुचित पर्यटकीय सुविधाएं बहाल करने वाले जरूरी फैसले लेने के बजाय इसे ‘विरासत गोद लें’ योजना के तहत महज 5 करोड़ रुपये सालाना निवेश की एवज में एक निजी कंपनी को सौंप देना कोई बुद्धिमानी भरा निर्णय नहीं लग रहा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed